स्माल स्केल इंडस्ट्री के लिए टैक्स की छूट

Last Updated at: August 14, 2020
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स्माल स्केल इंडस्ट्री के लिए टैक्स की छूट

1 मार्च, 2003 को भारत सरकार ने  सेंट्रल एक्साइज लॉ  के तहत स्माल स्केल इंडस्ट्री (SSI) के लिए एक कन्सेशन नोटिफिकेशन जारी की थी । इसका उद्देश्य स्माल स्केल इंडस्ट्री को कुछ कन्सेशन प्रदान करना है।  हालांकि  इस नोटिफिकेशन के अनुसार ईकोनामी के विकास के लिए एस एस आई को एक इंसेंटीव की आफर की जाती है।  लेकिन स्माल स्केल इंडस्ट्री के लिए कन्सेशन सभी प्रोडक्ट पर लागू नहीं की जा सकती है और प्राफ़िट रेस्ट्राइक्टेड हैं।

स्माल स्केल इंडस्ट्रीज कन्सेशन पर डिटेल लुक –

एसएसआई कन्सेशन एलिजिबिलिटी

सर्विस टैक्स कन्सेशन का प्राफ़िट उठाने के लिए किसी बिजनेस  के लिए  इसे इंडस्ट्रीज डाइरेक्टोरेट के पास रजिस्टर होना चाहिए और यह कन्सेशन प्राप्त करने के समय सर्टिफिकेट पेपर का प्रोडकसन करना चाहिए। यदि पिछले वर्ष का टर्नओवर 4 करोड़ है , और यह जारी नोटिफिकेशन  में स्पेसिफाइड प्रोडक्ट का मेनुफैक्चरिंग करता है तो यह कन्सेशन के लिए एलीजीबल है।

ड्यूटी रेट

अगर टर्नओवर  वित्तीय वर्ष में 1.5 करोड़  रुपये है  तो इंडिया गवर्नमेंट ड्यूटी से कन्सेशन प्रदान करती है। हालांकि  इसका मतलब है कि यदि टर्नओवर 150 लाख से अधिक है तो एक्साइज ड्यूटी देय होगा । इसी तरह  अगर SSI यूनिट ने करेंट फाइनेंसिएल ईयर में बिजनेस शुरू किया है | तो यह करेंट ईयर के लि एकन्सेशन का प्राफ़िट पाने का हकदार है क्योंकि इसकी लास्ट फाइनेंसिएल ईयर क्लियरेंस एन आईएल है  यहां तक ​​कि इस फ़ैक्ट के साथ कि बिजनेस आपरेशन स्टार्ट नहीं हुआ है |

सर्विस टैक्स कन्सेशन अप्लिकेबिलिटी

    •  रुरल फील्ड में मेनुफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स
    •  मेनुफैक्चर्स र्के लिए आवश्यक रॉ मेटेरिएल
    • बायप्रोडक्ट्स  लेजर, राइटिंग पैड
    • मेनुफैक्चरिंग कम्पोनेंट्स
    • किसी भी मशीनरी पार्ट्स
    • एन एस आई सी,  के वी आई सी, एस एस आई डी सी के ब्रांड नाम वाले प्रोडक्ट

कंपनी रजिस्ट्रशन

सर्विस टैक्स कन्सेशन नन-अप्लिकेबिलिटी

कुछ प्रोडक्ट जिनके लिए कन्सेशन लागू नहीं है।  वे चाय , कॉफी , आइसक्रीम , स्टेनलेस स्टील, घड़ियां, पिस्तौल, तंबाकू, आदि हैं ।

टर्नओवर का टोटल वेलयु

टोटल वेलयु प्राइस 10 लाख से अधिक नहीं।  जिसका मतलब है कि एक फाइनेंसिएल ईयर के दौरान प्राप्त  पहली पेमेंट  की टोटल एमाउंट  67 जो आर्टिकल के अंडर रेटेड है। . हालांकि  इसमें प्राप्त पेमेंट इंकलुड़ नहीं है जो कि टोटल सर्विस टैक्स कन्सेशन प्राप्त है। वास्तव में यह किसी अन्य सर्विस टैक्स कन्सेशन नोटिफिकेशन  के अंडर है।

इसके अलावा  यदि सर्विस प्रोवाइडर एक या अधिक प्रेमिसेस से एक या अधिक सर्विस प्रोवाइड करता है | तो कन्सेशन ऐसी सभी सर्विस के टोटल वेलयु पर लागू होगी।  रियली ऐसे सभी प्रेमिसेस से और प्रत्येक बेस या सर्विस के लिए अलग से नहीं ।

निष्कर्ष

स्माल स्केल सर्विस प्रोवाइडर प्राफ़िट पाने का आप्शन है  सर्विस टैक्स  लगाने योग्य सर्विसेज के मामले में छूट 10 लाख  है एक वित्तीय वर्ष में टोटल टर्न ओवर इस वेलयु से अधिक नहीं है । इसलिए  यदि फाइनेंसिएल इयर् में सर्विसेज का कुल मूल्य ₹ 10 लाख से अधिक नहीं है | तो सर्विस प्रोवाइडर इस सर्विस टैक्स कन्सेशन के प्राफ़िट का क्लेम कर सकता है। हालाँकि उसके लिए ऐसी सर्विस पर कोई सर्विस टैक्स देने की कोई आवश्यकता नहीं होगी।   

 

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स्माल स्केल इंडस्ट्री के लिए टैक्स की छूट

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1 मार्च, 2003 को भारत सरकार ने  सेंट्रल एक्साइज लॉ  के तहत स्माल स्केल इंडस्ट्री (SSI) के लिए एक कन्सेशन नोटिफिकेशन जारी की थी । इसका उद्देश्य स्माल स्केल इंडस्ट्री को कुछ कन्सेशन प्रदान करना है।  हालांकि  इस नोटिफिकेशन के अनुसार ईकोनामी के विकास के लिए एस एस आई को एक इंसेंटीव की आफर की जाती है।  लेकिन स्माल स्केल इंडस्ट्री के लिए कन्सेशन सभी प्रोडक्ट पर लागू नहीं की जा सकती है और प्राफ़िट रेस्ट्राइक्टेड हैं।

स्माल स्केल इंडस्ट्रीज कन्सेशन पर डिटेल लुक –

एसएसआई कन्सेशन एलिजिबिलिटी

सर्विस टैक्स कन्सेशन का प्राफ़िट उठाने के लिए किसी बिजनेस  के लिए  इसे इंडस्ट्रीज डाइरेक्टोरेट के पास रजिस्टर होना चाहिए और यह कन्सेशन प्राप्त करने के समय सर्टिफिकेट पेपर का प्रोडकसन करना चाहिए। यदि पिछले वर्ष का टर्नओवर 4 करोड़ है , और यह जारी नोटिफिकेशन  में स्पेसिफाइड प्रोडक्ट का मेनुफैक्चरिंग करता है तो यह कन्सेशन के लिए एलीजीबल है।

ड्यूटी रेट

अगर टर्नओवर  वित्तीय वर्ष में 1.5 करोड़  रुपये है  तो इंडिया गवर्नमेंट ड्यूटी से कन्सेशन प्रदान करती है। हालांकि  इसका मतलब है कि यदि टर्नओवर 150 लाख से अधिक है तो एक्साइज ड्यूटी देय होगा । इसी तरह  अगर SSI यूनिट ने करेंट फाइनेंसिएल ईयर में बिजनेस शुरू किया है | तो यह करेंट ईयर के लि एकन्सेशन का प्राफ़िट पाने का हकदार है क्योंकि इसकी लास्ट फाइनेंसिएल ईयर क्लियरेंस एन आईएल है  यहां तक ​​कि इस फ़ैक्ट के साथ कि बिजनेस आपरेशन स्टार्ट नहीं हुआ है |

सर्विस टैक्स कन्सेशन अप्लिकेबिलिटी

    •  रुरल फील्ड में मेनुफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स
    •  मेनुफैक्चर्स र्के लिए आवश्यक रॉ मेटेरिएल
    • बायप्रोडक्ट्स  लेजर, राइटिंग पैड
    • मेनुफैक्चरिंग कम्पोनेंट्स
    • किसी भी मशीनरी पार्ट्स
    • एन एस आई सी,  के वी आई सी, एस एस आई डी सी के ब्रांड नाम वाले प्रोडक्ट

कंपनी रजिस्ट्रशन

सर्विस टैक्स कन्सेशन नन-अप्लिकेबिलिटी

कुछ प्रोडक्ट जिनके लिए कन्सेशन लागू नहीं है।  वे चाय , कॉफी , आइसक्रीम , स्टेनलेस स्टील, घड़ियां, पिस्तौल, तंबाकू, आदि हैं ।

टर्नओवर का टोटल वेलयु

टोटल वेलयु प्राइस 10 लाख से अधिक नहीं।  जिसका मतलब है कि एक फाइनेंसिएल ईयर के दौरान प्राप्त  पहली पेमेंट  की टोटल एमाउंट  67 जो आर्टिकल के अंडर रेटेड है। . हालांकि  इसमें प्राप्त पेमेंट इंकलुड़ नहीं है जो कि टोटल सर्विस टैक्स कन्सेशन प्राप्त है। वास्तव में यह किसी अन्य सर्विस टैक्स कन्सेशन नोटिफिकेशन  के अंडर है।

इसके अलावा  यदि सर्विस प्रोवाइडर एक या अधिक प्रेमिसेस से एक या अधिक सर्विस प्रोवाइड करता है | तो कन्सेशन ऐसी सभी सर्विस के टोटल वेलयु पर लागू होगी।  रियली ऐसे सभी प्रेमिसेस से और प्रत्येक बेस या सर्विस के लिए अलग से नहीं ।

निष्कर्ष

स्माल स्केल सर्विस प्रोवाइडर प्राफ़िट पाने का आप्शन है  सर्विस टैक्स  लगाने योग्य सर्विसेज के मामले में छूट 10 लाख  है एक वित्तीय वर्ष में टोटल टर्न ओवर इस वेलयु से अधिक नहीं है । इसलिए  यदि फाइनेंसिएल इयर् में सर्विसेज का कुल मूल्य ₹ 10 लाख से अधिक नहीं है | तो सर्विस प्रोवाइडर इस सर्विस टैक्स कन्सेशन के प्राफ़िट का क्लेम कर सकता है। हालाँकि उसके लिए ऐसी सर्विस पर कोई सर्विस टैक्स देने की कोई आवश्यकता नहीं होगी।   

 

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