मैरिज रेजिस्ट्रेशन – प्रासेज, डाक्यूमेंट, और समय

Last Updated at: Oct 28, 2020
469
मैरिज रेजिस्ट्रेशन

इंडिया के सुप्रीम कोर्ट ने 2006 में  सभी मैरिज को रजिस्टर करना मेंडेटरी कर दिया है । इंडिया  में मैरिज या तो हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के अंडर या स्पेशल  मैरिज एक्ट, 1954 के अंडर  रजिस्टर किया जा सकता है। हिंदू मैरिज एक्ट, हिंदुओं पर लागू होता है, जबकि  स्पेशल  मैरिज एक्ट भारत के सभी सिटीजन के लिए उनके रिलीजन के बावजूद लागू होता है।

1. हिंदू मैरिज एक्ट

पार्टियों द्वारा प्रजेंट किए गए सभी डाकुमेंट के करेक्ट वेरिफिकेशन के बाद क्लोजिंग प्रासेज के लिए  रेजिस्ट्रेशन के लिए एक दिन रेटेड किया जाता है जो पार्टियों को इंफार्म किया जाता है। बोथ पार्टी को सब – डिवीजन  मजिस्ट्रेट के सामने प्रजेंट डे होना आवश्यक है  साथ ही गज़टेड आफिसर जो उनकी शादी में शामिल हुए थे,

आखिरकार  मैरिज रेजिस्ट्रेशन प्रासेज की जाती है और एसडीएम कार्यवाही से सेटीस्फाइ है उसी दिन सर्टिफिकेशन प्रदान किया जाता है।

2. स्पेशल मैरिज एक्ट 

इस एक्ट के अंडर मैरेज रेजिस्ट्रेशन की मैरेज प्रासेज स्टार्ट करने के लिए  और एबब डाक्यूमेंट को सबमिट करने से पहले भी  दोनों पक्षों को डिप्टी रजिस्टर  को 30-दिन का नोटिस देना होगा  जिसके राइट रेंज में एट लिस्ट  एक पति-पत्नी का रेजीडेंस हो।

आपत्तियों को आमंत्रित करने वाले सार्वजनिक नोटिस जारी करने के लिए दस्तावेज प्रस्तुत करने के बाद दोनों पक्षों को उपस्थित होना आवश्यक है। नोटिस की एक कॉपी ऑफिस के नोटिस बोर्ड पर पोस्ट की जाती है और नोटिस की एक अन्य कॉपी रजिस्टर्ड  डाक के मीडियम  से बोद पार्टी को उनके द्वारा दिए गए एड्रेस के अनुसार भेजी जाती है।

एसडीएम द्वारा ड्यूरिंग द सेड पीरियड प्राप्त की गई किसी भी ऑबजैकशन निर्धारित करने के बाद, नोटिस की तारीख के 30 दिन बाद रेजिस्ट्रेशन  किया जाता है  तीन विटनेसेज के साथ बोद पार्टी को रेजिस्ट्रेशन की डेट पर प्रजेंट होना आवश्यक है।

मैरिज रेजिस्ट्रेशन

विवाह रेजिस्ट्रेशन के लिए सभी डाक्यूमेंट की क्या आवश्यकता है?

दिल्ली गवर्नमेंट की आफिसीएल  वेबसाइट के अनुसार, हिंदू कल्चर के अनुसार मैरिज रेजिस्ट्रेशन  प्राप्त करने के लिएएक गज़टेड ऑफिसर  द्वारा वेरिफिकेशन किए जाने के बाद निम्नलिखित डाक्यूमेंट सबमिट करना आवश्यक है |

  • एक अप्लीकेशन पेपर या मैरिज एडवरटाइज़ पति और पत्नी द्वारा डली सिग्नेचर ।
  • बोद पार्टी  के डेट ऑफ  बर्थ सर्टिफिकेट  के लिए डाकुमेंट प्रूफ । यह एज हिंदू एक्ट और स्पेशल मैरिज एक्ट दोनों के अंडर  मेल के लिए 21 वर्ष और फ़ीमेल के लिए 18 वर्ष है। यह डाक्यूमेंट मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट / पासपोर्ट / डेट ऑफ  बर्थ सर्टिफिकेट के रूप में हो सकता है।
  • पति और पत्नी का रेजीडेंस सर्टिफिकेट  (राशन कार्डआधार कार्ड, चुनाव वोटर आईडी, पैन कार्ड, या बिजली बिल, आदि जैसे बिल)।
  • बोद पार्टी के दो पासपोर्ट आकार के फोटो और एक शादी की फोटो ।
  • शादी का इनवाइटेशन कार्ड।
  • यदि विवाह किसी रिलीजन प्लेस  पर किया जाता है  तो विवाह को कैंसल करने के लिए प्रीस्ट से एक सर्टिफिकेट की आवश्यकता होती है।
  • हिंदू विवाह एक्ट के अंडर शादी के मामले में रु। 100 और विवाह स्पेशल मैरिज एक्ट  के मामले में रु। 150, जिले के कैसियर को सबमिट करने की आवश्यकता है और रसीद आवेदन पत्र के साथ सबमिट की जानी है।
  • पार्टियों को एक प्लेज देने की आवश्यकता है कि वे रिलेटेड  नहीं हैं और वे फारबीडेन रिलेशन शिप  की डिग्री के दायरे में नहीं आते हैं, जैसा कि हिंदू विवाह अधिनियम 1955 और स्पेशल मैरिज एक्ट, 1955 के अंडर रेटेड किया गया है।विडो  / विडोवार  के मामले में डिवोर्स की डिक्री / पति या पत्नी के डेथ सर्टिफिकेट के मामले में डिवोर्स की डिक्री /ऑर्डर  की एक सर्टिफिकेट कॉपी ।
  • यदि पार्टियों में से एक हिंदू, जैन, बौद्ध और सिख रिलीजन्स के अलावा अन्य से संबंधित है, तो उस प्रीस्ट से एक कनवर्ज़न सर्टिफिकेट  जो विवाह को हिंदू विवाह एक्ट के मैटर में एसेप्ट करता है, की आवश्यकता होगी।
  • दोनों पार्टी द्वारा एक एफ़िडेविड जिसमें मैरिज और नेशनेलिटी  के समय मैरिज की डेट  , डेट ऑफ बर्थ और मैरिज की सिचुएशन  बताई गई हो