GST टैक्सपेयर्स: GSTR-3B के लिए अधिकतम विलंब शुल्क ₹ 500 प्रति रिटर्न है

Last Updated at: August 11, 2020
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GST टैक्सपेयर्स: GSTR-3B के लिए अधिकतम विलंब शुल्क ₹ 500 प्रति रिटर्न है
बीजनेस मैन के लिए SMS सेवा शुरू की है।  इस सुविधा के तहत सिर्फ मैसेज कर जीएसटी रिटर्न की फाइलिंग की जा सकेगी| हालांकि

ये सुविधा सिर्फ उन लोगों के लिए है जिनका मंथली जीएसटी रिटर्न जीरो है जीरो रिटर्न आगामी महीने की पहली तारीख को 14409 पर

SMS कर भेजा जा सकता है|

 

यदि आप एक GST टैक्सपेयर है तो यह न्यूज आपके लिए एक खुशखबरी है| सरकार ने जीएसटी टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देने की घोषणा की है। फॉर्म लेट- GSTR-3B3 बी के लिए अधिकतम विलंब शुल्क 500 रुपये प्रति रिटर्न है। यह दर जुलाई 2017 से जुलाई 2020 तक समय के लिए है और प्रत्येक GSTR-3B रिटर्न के विलंबित दाखिल (Delayed filing) के लिए लागू होगा। हालाँकि  इस अधिसूचना (Notification) में कहा गया है कि नंबर  54/2020, दिनांक 24 जून तक , ऐसे GSTR-3B रिटर्न 30 सितंबर तक दाखिल करना होगा। 

 CBIC (Central Board of Indirect Taxes and Customs) ने स्पष्ट किया है कि जीरो जीएसटी टैक्सपेयर के साथ रिटर्न के लिए कोई लेट फीस नहीं लगाया जाना है  बशर्ते रिटर्न 1 जुलाई और 30 सितंबर 2020 के दौरान फाइल  किया गया हो। देर से शुल्क की कैप केवल कर देयता (tax liability) के साथ रिटर्न के लिए लागू होगी । 500 रुपये की अधिकतम देय राशि (amount dues ) में से  क्रमशः 250 रुपये एसजीएसटी और सीजीएसटी में जाएंगे।

    शायद आपको याद होमाननीय वित्त मंत्री ने भी 12 जून को घोषणा की थी कि जुलाई 2017 से जनवरी 2020 तक की टाइम के लिए जीरो टैक्स लाएबिलिटि के साथ रिटर्न के लिए कोई लेट फीस नहीं होगा। जीएसटी काउंसिल के साथ एक बैठक के बाद  उन्होंने इस अवधि के दौरान जीएसटी रिटर्न फाइलिंग में पेंडेंसी को कम करने के लिए इस उपाय की घोषणा की। लेटेस्ट CBIC अधिसूचना (Notification) ने जुलाई 2017 तक पेंडिंग रिटर्न के लिए इस सुविधा को बढ़ाया है।

अपना GST फाइल करें

 इन्टरेस्ट रेट में कमी

वित्त मंत्री ने छोटे टैक्सपेयर के लिए ब्याज दर में कमी की घोषणा की है। इसके अनुसार 5 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाले टैक्सपेयर को पहले से निर्धारित 18% के बजाय 9% की दर से ब्याज देना होगा। यह सुविधा 30 सितंबर तक दाखिल किए गए रिटर्न के लिए बढ़ा दी गई है। यदि इस अवधि के दौरान जीएसटीआर –3 बी रिटर्न दाखिल नहीं होता है तो सामान्य दर (18%) पर ब्याज लागू होगा। यह पहली अक्टूबर 2020 तक है। इस मामले में विलंब शुल्क देय आन टाइम फाइल करने की तारीख तक लागू होगा।

इससे पहले की अधिसूचना (Notification) 31 दिसंबर 2018 तक

हमें यहाँ ध्यान देने की आवश्यकता है कि लेट फीस की ऐसी एक और डिस्काउंट पहले की अधिसूचना को कैंसिल करने की घोषणा करती है। इसके अनुसार  जुलाई 2017 से सितंबर 2018 की अवधि (Period) के दौरान GSTR-3B  रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए थे | तब तक के लिए लेट फीस पूरी तरह से माफ कर दी गई थीबशर्ते उन्हें 31 मार्च 2019 तक दाखिल किया गया हो। 31 मार्च 2018 के बाद बहुत सारे आकलनों (calculation) ने अपना रिटर्न जमा किया है। जबकि लेट फीस निर्धारित है। अब तक सरकार द्वारा उक्त विलंब शुल्क (Aforesaid late fee) को वापस करने या Well Adjust करने के लिए कोई संशोधित अधिसूचना  या रिवाइज्ड नोटिफिकेशन  जारी नहीं की गई है।

 

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GST टैक्सपेयर्स: GSTR-3B के लिए अधिकतम विलंब शुल्क ₹ 500 प्रति रिटर्न है

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बीजनेस मैन के लिए SMS सेवा शुरू की है।  इस सुविधा के तहत सिर्फ मैसेज कर जीएसटी रिटर्न की फाइलिंग की जा सकेगी| हालांकि

ये सुविधा सिर्फ उन लोगों के लिए है जिनका मंथली जीएसटी रिटर्न जीरो है जीरो रिटर्न आगामी महीने की पहली तारीख को 14409 पर

SMS कर भेजा जा सकता है|

 

यदि आप एक GST टैक्सपेयर है तो यह न्यूज आपके लिए एक खुशखबरी है| सरकार ने जीएसटी टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देने की घोषणा की है। फॉर्म लेट- GSTR-3B3 बी के लिए अधिकतम विलंब शुल्क 500 रुपये प्रति रिटर्न है। यह दर जुलाई 2017 से जुलाई 2020 तक समय के लिए है और प्रत्येक GSTR-3B रिटर्न के विलंबित दाखिल (Delayed filing) के लिए लागू होगा। हालाँकि  इस अधिसूचना (Notification) में कहा गया है कि नंबर  54/2020, दिनांक 24 जून तक , ऐसे GSTR-3B रिटर्न 30 सितंबर तक दाखिल करना होगा। 

 CBIC (Central Board of Indirect Taxes and Customs) ने स्पष्ट किया है कि जीरो जीएसटी टैक्सपेयर के साथ रिटर्न के लिए कोई लेट फीस नहीं लगाया जाना है  बशर्ते रिटर्न 1 जुलाई और 30 सितंबर 2020 के दौरान फाइल  किया गया हो। देर से शुल्क की कैप केवल कर देयता (tax liability) के साथ रिटर्न के लिए लागू होगी । 500 रुपये की अधिकतम देय राशि (amount dues ) में से  क्रमशः 250 रुपये एसजीएसटी और सीजीएसटी में जाएंगे।

    शायद आपको याद होमाननीय वित्त मंत्री ने भी 12 जून को घोषणा की थी कि जुलाई 2017 से जनवरी 2020 तक की टाइम के लिए जीरो टैक्स लाएबिलिटि के साथ रिटर्न के लिए कोई लेट फीस नहीं होगा। जीएसटी काउंसिल के साथ एक बैठक के बाद  उन्होंने इस अवधि के दौरान जीएसटी रिटर्न फाइलिंग में पेंडेंसी को कम करने के लिए इस उपाय की घोषणा की। लेटेस्ट CBIC अधिसूचना (Notification) ने जुलाई 2017 तक पेंडिंग रिटर्न के लिए इस सुविधा को बढ़ाया है।

अपना GST फाइल करें

 इन्टरेस्ट रेट में कमी

वित्त मंत्री ने छोटे टैक्सपेयर के लिए ब्याज दर में कमी की घोषणा की है। इसके अनुसार 5 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाले टैक्सपेयर को पहले से निर्धारित 18% के बजाय 9% की दर से ब्याज देना होगा। यह सुविधा 30 सितंबर तक दाखिल किए गए रिटर्न के लिए बढ़ा दी गई है। यदि इस अवधि के दौरान जीएसटीआर –3 बी रिटर्न दाखिल नहीं होता है तो सामान्य दर (18%) पर ब्याज लागू होगा। यह पहली अक्टूबर 2020 तक है। इस मामले में विलंब शुल्क देय आन टाइम फाइल करने की तारीख तक लागू होगा।

इससे पहले की अधिसूचना (Notification) 31 दिसंबर 2018 तक

हमें यहाँ ध्यान देने की आवश्यकता है कि लेट फीस की ऐसी एक और डिस्काउंट पहले की अधिसूचना को कैंसिल करने की घोषणा करती है। इसके अनुसार  जुलाई 2017 से सितंबर 2018 की अवधि (Period) के दौरान GSTR-3B  रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए थे | तब तक के लिए लेट फीस पूरी तरह से माफ कर दी गई थीबशर्ते उन्हें 31 मार्च 2019 तक दाखिल किया गया हो। 31 मार्च 2018 के बाद बहुत सारे आकलनों (calculation) ने अपना रिटर्न जमा किया है। जबकि लेट फीस निर्धारित है। अब तक सरकार द्वारा उक्त विलंब शुल्क (Aforesaid late fee) को वापस करने या Well Adjust करने के लिए कोई संशोधित अधिसूचना  या रिवाइज्ड नोटिफिकेशन  जारी नहीं की गई है।

 

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