जीएसटीएन (GSTN) ट्रैकिंग स्थिति की आधिकारिक गाइड

Last Updated at: March 27, 2020
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गुड्स एंड सर्विस टैक्स नेटवर्क (GSTN) कंपनी अधिनियम की धारा 8 के तहत लाभ कंपनी के लिए नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य करदाताओं के लिए है, जिसका गठन 28 मार्च, 2013 को किया गया था। बता दें कि करदाताओं के लिए इसका उद्देश्य पंजीकरण, रिटर्न और भुगतान सेवाओं के लिए एक सामान्य आईटी अवसंरचना है। वर्तमान समय में अप्रत्यक्ष टैक्स व्यवस्था यानी जीएसटी रिटर्न को हर महीने एक पंजीकृत डीलर द्वारा दायर किया जाना चाहिए, जिसमें खरीद, बिक्री, आईटीसी और आउटपुट जीएसटी आदि शामिल है। यह करदाताओं द्वारा भुगतान की जाने वाली कर की देयता की गणना करने में संबंधित अधिकारियों की मदद करता है।

निचे आप देख सकते हैं हमारे महत्वपूर्ण सर्विसेज जैसे कि फ़ूड लाइसेंस के लिए कैसे अप्लाई करें, ट्रेडमार्क रेजिस्ट्रशन के लिए कितना वक़्त लगता है और उद्योग आधार रेजिस्ट्रेशन का क्या प्रोसेस है .

 

रिटर्न दाखिल करते समय कर दाता ख़रीद और बिक्री चालान के साथ ही इसका समर्थन करने के लिए भी बाधित है। बता दें कि एक बार जीएसटी रिटर्न दाखिल करने के लिए बाध्य कर दाता ने अधिकारियों के साथ रिटर्न दाखिल कर दिया है, तो उसके बाद वह प्रासंगिक प्रमाण पत्र दर्ज करके पोर्टल पर लॉग इन करके जीएसटी रिटर्न की स्थिति को ट्रैक कर सकता है। इसके माध्यम से वह जीएसटी रिटर्न की स्थिति से जुड़ी तमाम जानकारी प्राप्त कर सकता है। हालांकि, यह केवल तब किया जा सकता है, जब सरकारी वेबसाइट पर रिटर्न दस्तावेज अपलोड किए गए हों, लेकिन इसकी प्रक्रिया को हर किसी को जाननी चाहिए, जिसकी तमाम जानकारी वकील सर्च आपके लिए यहां लाया है।

  • जीएसटी रिटर्न्स आवेदन पत्र के प्रकार
  • लॉगिन इन करने के बाद जीएसटी रिटर्न्स ट्रैकिंग
  • एप्लिकेशन संदर्भ संख्या (ARN) के माध्यम से ट्रैकिंग
  • रिटर्न फाइलिंग अवधि का चयन करके ट्रैकिंग
  • जीएसटी स्थिति के माध्यम से ट्रैकिंग
  • बिना लॉगिन किए जीएसटी रिटर्न्स ट्रैकिंग
  • जीएसटी रिटर्न फाइल करने में देरी
  • जीएसटी रिटर्न्स आवेदन पत्र के प्रकार

जीएसटी रिटर्न आवेदन की स्थिति दायित्व के प्रदर्शन पर निर्भर करती है, जिसकी उपलब्ध स्थिति कर दाता को उनके दाखिल होने से अवगत कराती है।

  • वैध फाइल करना-  जब पंजीकृत कर दाता द्वारा रिटर्न दाखिल किया जा रहा हो, तो उसे ध्यान रखना चाहिए कि उसने सभी आवश्यकताओं को पूरा किया है।
  • अवैध फाइल करना: जब टैक्स आंशिक रूप से या पूरी तरह से अनारक्षित रहता है, तो अवैध फाइल करना होता है।
  • फाइल करना- रिटर्न देय है, लेकिन दर्ज नहीं किया गया है।
  • जमा की गई फाइल वैध नहीं: ऐसे मामलों में जहां रिटर्न को मान्य किया गया है, लेकिन फाइलिंग लंबित है, वहां इस तरह का आवेदन पत्र दिया जाता है।
  1. लॉगिन इन करने के बाद जीएसटी रिटर्न्स ट्रैकिंग

जीएसटी पोर्टल पर लॉगिन इन करने के बाद आप निम्नलिखित तरीके से अपने रिटर्न्स को ट्रैक कर सकते हैं-

    • एप्लिकेशन संदर्भ संख्या (ARN) के माध्यम से।
    • रिटर्न फाइलिंग अवधि का चयन करके।
    • स्थिति विकल्प का चयन करके।

GST रेजिस्ट्रशन करें

  1. एप्लिकेशन संदर्भ संख्या (ARN) के माध्यम से ट्रैकिंग

टैक्स रिटर्न जमा करते समय करदाताओं को एक संख्या आवंटित की जाती है, जिसे ARN नंबर कहा जाता है, जोकि टैक्स रिटर्न की स्थिति को ट्रैक करने में मदद करता है। इसका प्रयोग हर महीने किया जाता है। बता दें कि यह नंबर सबके पास अलग अलग होता है और किसी का भी नंबर एक दूसरे से नहीं मिलता है। तो चलिए जानते हैं कि ARN के माध्यम से टैक्स रिटर्न की स्थिति को कैसे ट्रैक किया जा सकता है, जिसके प्रत्येक चरण का विवरण निम्नलिखित है- 

  • चरण 1: सबसे पहले आधिकारिक जीएसटी पोर्टल पर जाएं, जिसके बाद आवश्यक क्रेडेंशियल या मान्य विवरण दर्ज करके पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • चरण 2: सेवाएँ> रिटर्न> ट्रैक रिटर्न स्थिति पर क्लिक करें।
  • चरण 3: एआरएन (ARN) नंबर दर्ज करें, जो करदाता के पंजीकृत ई-मेल पते पर भेजा गया है। इसके बाद खोज कमांड पर क्लिक करें।

बता दें कि जब आप खोज विकल्प पर क्लिक करेंगे, तो टैक्स रिटर्न्स आवेदन की स्थिति की पूरी जानकारी आपको अपने स्क्रीन पर दिखाई देगी, जोकि बिल्कुल सही और मान्य होगी।

  1. रिटर्न फाइलिंग अवधि का चयन करके ट्रैकिंग

यदि आप ARN के माध्यम से जीएसटी रिटर्न को ट्रैक नहीं करना चाहते हैं या फिर कोई दूसरा तरीका अपनाना चाहते हैं, तो इसके लिए आप रिटर्न फाइल की समय अवधि से भी ट्रैक कर सकते हैं। रिटर्न फाइलिंग की अवधि का चयन करके आप निम्नलिखित तरीके से स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं-

  • चरण 1: सबसे पहले आधिकारिक जीएसटी पोर्टल पर जाएं, जिसके बाद आवश्यक क्रेडेंशियल या मान्य विवरण दर्ज करके पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • चरण 2: सेवाएँ> रिटर्न> ट्रैक रिटर्न स्थिति पर क्लिक करें।
  • चरण 3: रिटर्न भरने की अवधि पर क्लिक करें, जिसके बाद उपलब्ध कैलेंडर की मदद से तिथियों का चयन करके सर्च ऑप्शन पर क्लिक करें। तिथि में आपको अपने रिटर्न फाइल की अवधि का ही चयन करना है।

 बता दें कि जब आप खोज विकल्प पर क्लिक करेंगे, तो आपको सभी प्रासंगिक विवरण स्क्रीन पर दिखाई देंगे, जोकि आपके रिटर्न की स्थिति होगी और यह जानकारी आपके लिए काफी महत्वपूर्ण होगी।

  1. जीएसटी स्थिति के माध्यम से ट्रैकिंग

टैक्स रिटर्न की स्थिति ट्रैक करने के लिए आप उपरोक्त विकल्पों के अलावा इस विकल्प का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। उपरोक्त विकल्पों की तरह यह प्रक्रिया भी काफी आसान है, जिसकी मदद से आप जीएसटीएन को ट्रैक कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के लिए आपको निम्नलिखित चरण से गुजरना होगा-

  • चरण 1: सबसे पहले आधिकारिक जीएसटी पोर्टल पर जाएं, जिसके बाद आवश्यक क्रेडेंशियल या मान्य विवरण दर्ज करके पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • चरण 2: सेवाएँ> रिटर्न> ट्रैक रिटर्न स्थिति पर क्लिक करें।
  • चरण 3: ड्रॉप-डाउन सूची से स्थिति विकल्प चुनें और खोज टैब पर क्लिक करें।

बता दें कि जब आप खोज यानि सर्च टैब पर क्लिक करेंगे, तो आपको आपको सभी प्रासंगिक विवरण स्क्रीन पर दिखाई देगी।

  1. बिना लॉगिन किए जीएसटी रिटर्न्स ट्रैकिंग

ट्रैकिंग का यह तरीका काफी सरल और सहज है, लेकिन इस माध्यम से आवेदक स्टेटस टाइप जैसे अन्य विवरण दर्ज करने में सक्षम नहीं होगा। लॉगिन के बिना ट्रैक करने के लिए विभिन्न चरणों के बारे में नीचे बताया गया है, जिसकी मदद से आप आसानी से ट्रैक कर सकते हैं- 

  • चरण 1: आधिकारिक जीएसटी पोर्टल पर जाएं, जिसके बाद खोज कर दाता (TaxPayer) विकल्प पर क्लिक करें।
  • चरण 2: इसके बाद आपको जीएसटीआईएन / यूआईएन विकल्प दिखाई देगा, जिसमें आप अपनी जीएसटीआईएन आईडी दर्ज करने के साथ सटीक कैप्चा कोड भरे और फिर सर्च कमांड पर क्लिक करें। ध्यान रखें कि कैप्चा कोड आपको तभी दिखाई देगा, जब आप अपनी GSTIN आईडी दर्ज करेंगे

बता दें कि जब आप एक बार सभी विवरण दर्ज कर देंगे, तो उसके बाद आपको स्क्रीन पर कंपनी के बारे में सभी प्रासंगिक विवरण दिखाई देंगे, जिसमें कानूनी नाम, अधिकार क्षेत्र, पंजीकरण की तारीख, जीएसटीआईएन / यूआईएन स्थिति आदि शामिल होंगे। इतना ही नहीं,यह सब आपको विभिन्न उप-शीर्षक के तहत दिखाया जाएगा, लेकिन आप इन्हें सेव नहीं कर सकते हैं।

  1. जीएसटी रिटर्न फाइल करने में देरी

उपरोक्त तमाम जानकारियों को जानने के बाद आपके मन में एक सवाल ज़रूर आ रहा होगा कि यदि आप निर्धारित समय पर रिटर्न फाइल करने में असफल रहते हैं, तो फिर क्या होगा? बता दें कि यदि कर दाता निर्धारित समय अवधि के साथ जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में विफल रहता है, तो वह बकाया राशि पर 18% प्रति वर्ष के ब्याज के अधीन होगा।

साथ ही बता दें कि करदाता पर डिफ़ॉल्ट के लिए प्रति दिन 200 रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा। हालाँकि, सरकार द्वारा ली जाने वाली अधिकतम लेट फीस प्रत्येक रिटर्न के लिए 5000 रुपये है, जिसे कानून के तहत दायर किया जाना है, लेकिन अगर ज्यादा दिन हो जाता है तो उस हिसाब से लेट फीस लगती है।

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जीएसटीएन (GSTN) ट्रैकिंग स्थिति की आधिकारिक गाइड

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गुड्स एंड सर्विस टैक्स नेटवर्क (GSTN) कंपनी अधिनियम की धारा 8 के तहत लाभ कंपनी के लिए नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य करदाताओं के लिए है, जिसका गठन 28 मार्च, 2013 को किया गया था। बता दें कि करदाताओं के लिए इसका उद्देश्य पंजीकरण, रिटर्न और भुगतान सेवाओं के लिए एक सामान्य आईटी अवसंरचना है। वर्तमान समय में अप्रत्यक्ष टैक्स व्यवस्था यानी जीएसटी रिटर्न को हर महीने एक पंजीकृत डीलर द्वारा दायर किया जाना चाहिए, जिसमें खरीद, बिक्री, आईटीसी और आउटपुट जीएसटी आदि शामिल है। यह करदाताओं द्वारा भुगतान की जाने वाली कर की देयता की गणना करने में संबंधित अधिकारियों की मदद करता है।

निचे आप देख सकते हैं हमारे महत्वपूर्ण सर्विसेज जैसे कि फ़ूड लाइसेंस के लिए कैसे अप्लाई करें, ट्रेडमार्क रेजिस्ट्रशन के लिए कितना वक़्त लगता है और उद्योग आधार रेजिस्ट्रेशन का क्या प्रोसेस है .

 

रिटर्न दाखिल करते समय कर दाता ख़रीद और बिक्री चालान के साथ ही इसका समर्थन करने के लिए भी बाधित है। बता दें कि एक बार जीएसटी रिटर्न दाखिल करने के लिए बाध्य कर दाता ने अधिकारियों के साथ रिटर्न दाखिल कर दिया है, तो उसके बाद वह प्रासंगिक प्रमाण पत्र दर्ज करके पोर्टल पर लॉग इन करके जीएसटी रिटर्न की स्थिति को ट्रैक कर सकता है। इसके माध्यम से वह जीएसटी रिटर्न की स्थिति से जुड़ी तमाम जानकारी प्राप्त कर सकता है। हालांकि, यह केवल तब किया जा सकता है, जब सरकारी वेबसाइट पर रिटर्न दस्तावेज अपलोड किए गए हों, लेकिन इसकी प्रक्रिया को हर किसी को जाननी चाहिए, जिसकी तमाम जानकारी वकील सर्च आपके लिए यहां लाया है।

  • जीएसटी रिटर्न्स आवेदन पत्र के प्रकार
  • लॉगिन इन करने के बाद जीएसटी रिटर्न्स ट्रैकिंग
  • एप्लिकेशन संदर्भ संख्या (ARN) के माध्यम से ट्रैकिंग
  • रिटर्न फाइलिंग अवधि का चयन करके ट्रैकिंग
  • जीएसटी स्थिति के माध्यम से ट्रैकिंग
  • बिना लॉगिन किए जीएसटी रिटर्न्स ट्रैकिंग
  • जीएसटी रिटर्न फाइल करने में देरी
  • जीएसटी रिटर्न्स आवेदन पत्र के प्रकार

जीएसटी रिटर्न आवेदन की स्थिति दायित्व के प्रदर्शन पर निर्भर करती है, जिसकी उपलब्ध स्थिति कर दाता को उनके दाखिल होने से अवगत कराती है।

  • वैध फाइल करना-  जब पंजीकृत कर दाता द्वारा रिटर्न दाखिल किया जा रहा हो, तो उसे ध्यान रखना चाहिए कि उसने सभी आवश्यकताओं को पूरा किया है।
  • अवैध फाइल करना: जब टैक्स आंशिक रूप से या पूरी तरह से अनारक्षित रहता है, तो अवैध फाइल करना होता है।
  • फाइल करना- रिटर्न देय है, लेकिन दर्ज नहीं किया गया है।
  • जमा की गई फाइल वैध नहीं: ऐसे मामलों में जहां रिटर्न को मान्य किया गया है, लेकिन फाइलिंग लंबित है, वहां इस तरह का आवेदन पत्र दिया जाता है।
  1. लॉगिन इन करने के बाद जीएसटी रिटर्न्स ट्रैकिंग

जीएसटी पोर्टल पर लॉगिन इन करने के बाद आप निम्नलिखित तरीके से अपने रिटर्न्स को ट्रैक कर सकते हैं-

    • एप्लिकेशन संदर्भ संख्या (ARN) के माध्यम से।
    • रिटर्न फाइलिंग अवधि का चयन करके।
    • स्थिति विकल्प का चयन करके।

GST रेजिस्ट्रशन करें

  1. एप्लिकेशन संदर्भ संख्या (ARN) के माध्यम से ट्रैकिंग

टैक्स रिटर्न जमा करते समय करदाताओं को एक संख्या आवंटित की जाती है, जिसे ARN नंबर कहा जाता है, जोकि टैक्स रिटर्न की स्थिति को ट्रैक करने में मदद करता है। इसका प्रयोग हर महीने किया जाता है। बता दें कि यह नंबर सबके पास अलग अलग होता है और किसी का भी नंबर एक दूसरे से नहीं मिलता है। तो चलिए जानते हैं कि ARN के माध्यम से टैक्स रिटर्न की स्थिति को कैसे ट्रैक किया जा सकता है, जिसके प्रत्येक चरण का विवरण निम्नलिखित है- 

  • चरण 1: सबसे पहले आधिकारिक जीएसटी पोर्टल पर जाएं, जिसके बाद आवश्यक क्रेडेंशियल या मान्य विवरण दर्ज करके पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • चरण 2: सेवाएँ> रिटर्न> ट्रैक रिटर्न स्थिति पर क्लिक करें।
  • चरण 3: एआरएन (ARN) नंबर दर्ज करें, जो करदाता के पंजीकृत ई-मेल पते पर भेजा गया है। इसके बाद खोज कमांड पर क्लिक करें।

बता दें कि जब आप खोज विकल्प पर क्लिक करेंगे, तो टैक्स रिटर्न्स आवेदन की स्थिति की पूरी जानकारी आपको अपने स्क्रीन पर दिखाई देगी, जोकि बिल्कुल सही और मान्य होगी।

  1. रिटर्न फाइलिंग अवधि का चयन करके ट्रैकिंग

यदि आप ARN के माध्यम से जीएसटी रिटर्न को ट्रैक नहीं करना चाहते हैं या फिर कोई दूसरा तरीका अपनाना चाहते हैं, तो इसके लिए आप रिटर्न फाइल की समय अवधि से भी ट्रैक कर सकते हैं। रिटर्न फाइलिंग की अवधि का चयन करके आप निम्नलिखित तरीके से स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं-

  • चरण 1: सबसे पहले आधिकारिक जीएसटी पोर्टल पर जाएं, जिसके बाद आवश्यक क्रेडेंशियल या मान्य विवरण दर्ज करके पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • चरण 2: सेवाएँ> रिटर्न> ट्रैक रिटर्न स्थिति पर क्लिक करें।
  • चरण 3: रिटर्न भरने की अवधि पर क्लिक करें, जिसके बाद उपलब्ध कैलेंडर की मदद से तिथियों का चयन करके सर्च ऑप्शन पर क्लिक करें। तिथि में आपको अपने रिटर्न फाइल की अवधि का ही चयन करना है।

 बता दें कि जब आप खोज विकल्प पर क्लिक करेंगे, तो आपको सभी प्रासंगिक विवरण स्क्रीन पर दिखाई देंगे, जोकि आपके रिटर्न की स्थिति होगी और यह जानकारी आपके लिए काफी महत्वपूर्ण होगी।

  1. जीएसटी स्थिति के माध्यम से ट्रैकिंग

टैक्स रिटर्न की स्थिति ट्रैक करने के लिए आप उपरोक्त विकल्पों के अलावा इस विकल्प का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। उपरोक्त विकल्पों की तरह यह प्रक्रिया भी काफी आसान है, जिसकी मदद से आप जीएसटीएन को ट्रैक कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के लिए आपको निम्नलिखित चरण से गुजरना होगा-

  • चरण 1: सबसे पहले आधिकारिक जीएसटी पोर्टल पर जाएं, जिसके बाद आवश्यक क्रेडेंशियल या मान्य विवरण दर्ज करके पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • चरण 2: सेवाएँ> रिटर्न> ट्रैक रिटर्न स्थिति पर क्लिक करें।
  • चरण 3: ड्रॉप-डाउन सूची से स्थिति विकल्प चुनें और खोज टैब पर क्लिक करें।

बता दें कि जब आप खोज यानि सर्च टैब पर क्लिक करेंगे, तो आपको आपको सभी प्रासंगिक विवरण स्क्रीन पर दिखाई देगी।

  1. बिना लॉगिन किए जीएसटी रिटर्न्स ट्रैकिंग

ट्रैकिंग का यह तरीका काफी सरल और सहज है, लेकिन इस माध्यम से आवेदक स्टेटस टाइप जैसे अन्य विवरण दर्ज करने में सक्षम नहीं होगा। लॉगिन के बिना ट्रैक करने के लिए विभिन्न चरणों के बारे में नीचे बताया गया है, जिसकी मदद से आप आसानी से ट्रैक कर सकते हैं- 

  • चरण 1: आधिकारिक जीएसटी पोर्टल पर जाएं, जिसके बाद खोज कर दाता (TaxPayer) विकल्प पर क्लिक करें।
  • चरण 2: इसके बाद आपको जीएसटीआईएन / यूआईएन विकल्प दिखाई देगा, जिसमें आप अपनी जीएसटीआईएन आईडी दर्ज करने के साथ सटीक कैप्चा कोड भरे और फिर सर्च कमांड पर क्लिक करें। ध्यान रखें कि कैप्चा कोड आपको तभी दिखाई देगा, जब आप अपनी GSTIN आईडी दर्ज करेंगे

बता दें कि जब आप एक बार सभी विवरण दर्ज कर देंगे, तो उसके बाद आपको स्क्रीन पर कंपनी के बारे में सभी प्रासंगिक विवरण दिखाई देंगे, जिसमें कानूनी नाम, अधिकार क्षेत्र, पंजीकरण की तारीख, जीएसटीआईएन / यूआईएन स्थिति आदि शामिल होंगे। इतना ही नहीं,यह सब आपको विभिन्न उप-शीर्षक के तहत दिखाया जाएगा, लेकिन आप इन्हें सेव नहीं कर सकते हैं।

  1. जीएसटी रिटर्न फाइल करने में देरी

उपरोक्त तमाम जानकारियों को जानने के बाद आपके मन में एक सवाल ज़रूर आ रहा होगा कि यदि आप निर्धारित समय पर रिटर्न फाइल करने में असफल रहते हैं, तो फिर क्या होगा? बता दें कि यदि कर दाता निर्धारित समय अवधि के साथ जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में विफल रहता है, तो वह बकाया राशि पर 18% प्रति वर्ष के ब्याज के अधीन होगा।

साथ ही बता दें कि करदाता पर डिफ़ॉल्ट के लिए प्रति दिन 200 रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा। हालाँकि, सरकार द्वारा ली जाने वाली अधिकतम लेट फीस प्रत्येक रिटर्न के लिए 5000 रुपये है, जिसे कानून के तहत दायर किया जाना है, लेकिन अगर ज्यादा दिन हो जाता है तो उस हिसाब से लेट फीस लगती है।

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