फार्मर प्रोडयूसर कंपनी क्या है?

Last Updated at: July 20, 2020
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फार्मर प्रोडयूसर कंपनी क्या है?

भारत कृषि प्रधान देश है और हमें अपने किसानों के अधिकार की रक्षा करनी चाहिए। भारत सरकार ने विभिन्न 5 वर्षिसय योजनाओं में कृषि के विकाश के लिए कई एहम कदम उठाया हैं। ऐसी ही एक प्रगतिशील कदम हैफार्मर प्रोडूसर आर्गेनाइजेशन। ये विभिन्न तरीकों से किसानों की मदद करने के लिए स्थापित किए गए हैं। इन कम्पनीज़ की मदद से किसान बाजार में अपनी सौदेबाजी की ताकत में सुधार लाता है और उचित दाम में अपना सामन बेच पाता है|

SFAC (लघु किसान संघ) 

भारत सरकार द्वारा स्थापित SFAC, फार्मर प्रोडूसर कम्पनीज के प्रचार की दिशा में काम करता है। 31 मई 2019 को रिकॉर्ड के अनुसार, SFAC ने लगभग 816 किसान निर्माता संगठनों की मदद की है। इसके अलावा, नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट भी एफपीओ के प्रचार की दिशा में काम करता है। इसने 2154 फार्मर प्रोडूसर कम्पनीज को बढ़ावा दिया है।

प्रगतिशील मिशन एवं योजनाएं

उपर्युक्त दो संस्थाओं के अलावा, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) भी ​​शुरू की है। यह किसान उत्पादक संगठन योजना के प्रचार की दिशा में भी काम करता है। इसने 131 एफपीओ पंजीकृत किए हैं।

फार्मर प्रोडूसर आर्गेनाइजेशन की जरुरत क्यों है?

छोटे और गरीब किसान में सौदेबाजी की शक्ति बहुत कम होती है।  भारत सरकार उन सारे किसानों को साथ लाकर उनके हक़ की रक्षा करना चाहती है और इसीलिए फार्मर प्रोडूसर आर्गेनाइजेशन उनके लिए लाभप्रद शामिल हो रहे हैं|

बिज़नेस रजिस्टर करें

बहुत कम किसानों के पास जानकारी होती है, और 4% से कम किसानों के पास कृषि क्रेडिट कार्ड होता है। इनमें से कई स्मॉलहोल्डर को प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ फसल बीमा के बारे में जानकारी नहीं है, इन सभी कारकों ने कई किसानों को पीछे के रास्ते पर डाल दिया, और वे अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं। इन सभी समस्याओं को दूर करने के लिए, सरकार एक किसान उत्पादक संगठन बनाने के लिए आगे आई है, जो छोटेछोटे हिस्सेदारों को भी बढ़ावा देने की दिशा में काम करेगा।

आइये एक नज़र डालते है किन किन कारणों से किसानों को परेशानी और सूखे की मार झेलनी पड़ती है:

  • फसल बीमा नहीं
  • कोई कृषि क्रेडिट कार्ड नहीं
  • पर्यावरण का प्रभाव
  • फसल की वृद्धि पर जलवायु प्रभाव

यही कारण है कि भारतीय किसानों का एक बड़ा हिस्सा गरीबी रेखा से नीचे है और भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। कृषि संकट को दूर करने के लिए, भारत सरकार ने एक किसान उत्पादक संगठन के साथ आने का बीड़ा उठाया है, जो किसानों को बढ़ावा देने, उन्हें बेहतर सौदेबाजी की शक्ति देने, सूचनाओं की पहुँच और उन्हें प्रेरित करने की दिशा में काम करता रहेगा और इस प्रकार एक बेहतर जीवन सुनिश्चित करेगा।

सरकार फार्मर प्रोडूसर कंपनियों की कैसे मदद कर रही है?

सरकार बहुत सहायता प्रदान कर रही है:

  1. इक्विटी अनुदान योजना
  2. क्रेडिट गारंटी फंड योजना।
  3. मार्केटिंग सहायता
  4. वेंचर कैपिटल सहायता जैसी विभिन्न योजनाओं के लिए भी एफपीओ भारत सरकार से सहायता प्राप्त कर सकते हैं
  5. बागवानी के विकास के लिए मिशन (MIDH) योजना। यह योजना कृषि व्यवसाय गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में काम करती है।

 

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भारत कृषि प्रधान देश है और हमें अपने किसानों के अधिकार की रक्षा करनी चाहिए। भारत सरकार ने विभिन्न 5 वर्षिसय योजनाओं में कृषि के विकाश के लिए कई एहम कदम उठाया हैं। ऐसी ही एक प्रगतिशील कदम हैफार्मर प्रोडूसर आर्गेनाइजेशन। ये विभिन्न तरीकों से किसानों की मदद करने के लिए स्थापित किए गए हैं। इन कम्पनीज़ की मदद से किसान बाजार में अपनी सौदेबाजी की ताकत में सुधार लाता है और उचित दाम में अपना सामन बेच पाता है|

SFAC (लघु किसान संघ) 

भारत सरकार द्वारा स्थापित SFAC, फार्मर प्रोडूसर कम्पनीज के प्रचार की दिशा में काम करता है। 31 मई 2019 को रिकॉर्ड के अनुसार, SFAC ने लगभग 816 किसान निर्माता संगठनों की मदद की है। इसके अलावा, नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट भी एफपीओ के प्रचार की दिशा में काम करता है। इसने 2154 फार्मर प्रोडूसर कम्पनीज को बढ़ावा दिया है।

प्रगतिशील मिशन एवं योजनाएं

उपर्युक्त दो संस्थाओं के अलावा, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) भी ​​शुरू की है। यह किसान उत्पादक संगठन योजना के प्रचार की दिशा में भी काम करता है। इसने 131 एफपीओ पंजीकृत किए हैं।

फार्मर प्रोडूसर आर्गेनाइजेशन की जरुरत क्यों है?

छोटे और गरीब किसान में सौदेबाजी की शक्ति बहुत कम होती है।  भारत सरकार उन सारे किसानों को साथ लाकर उनके हक़ की रक्षा करना चाहती है और इसीलिए फार्मर प्रोडूसर आर्गेनाइजेशन उनके लिए लाभप्रद शामिल हो रहे हैं|

बिज़नेस रजिस्टर करें

बहुत कम किसानों के पास जानकारी होती है, और 4% से कम किसानों के पास कृषि क्रेडिट कार्ड होता है। इनमें से कई स्मॉलहोल्डर को प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ फसल बीमा के बारे में जानकारी नहीं है, इन सभी कारकों ने कई किसानों को पीछे के रास्ते पर डाल दिया, और वे अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं। इन सभी समस्याओं को दूर करने के लिए, सरकार एक किसान उत्पादक संगठन बनाने के लिए आगे आई है, जो छोटेछोटे हिस्सेदारों को भी बढ़ावा देने की दिशा में काम करेगा।

आइये एक नज़र डालते है किन किन कारणों से किसानों को परेशानी और सूखे की मार झेलनी पड़ती है:

  • फसल बीमा नहीं
  • कोई कृषि क्रेडिट कार्ड नहीं
  • पर्यावरण का प्रभाव
  • फसल की वृद्धि पर जलवायु प्रभाव

यही कारण है कि भारतीय किसानों का एक बड़ा हिस्सा गरीबी रेखा से नीचे है और भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। कृषि संकट को दूर करने के लिए, भारत सरकार ने एक किसान उत्पादक संगठन के साथ आने का बीड़ा उठाया है, जो किसानों को बढ़ावा देने, उन्हें बेहतर सौदेबाजी की शक्ति देने, सूचनाओं की पहुँच और उन्हें प्रेरित करने की दिशा में काम करता रहेगा और इस प्रकार एक बेहतर जीवन सुनिश्चित करेगा।

सरकार फार्मर प्रोडूसर कंपनियों की कैसे मदद कर रही है?

सरकार बहुत सहायता प्रदान कर रही है:

  1. इक्विटी अनुदान योजना
  2. क्रेडिट गारंटी फंड योजना।
  3. मार्केटिंग सहायता
  4. वेंचर कैपिटल सहायता जैसी विभिन्न योजनाओं के लिए भी एफपीओ भारत सरकार से सहायता प्राप्त कर सकते हैं
  5. बागवानी के विकास के लिए मिशन (MIDH) योजना। यह योजना कृषि व्यवसाय गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में काम करती है।

 

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