दिल्ली में प्रॉपर्टी रेजिस्ट्रेशन

Last Updated at: July 20, 2020
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दिल्ली में प्रॉपर्टी रेजिस्ट्रेशन

 

चाहे आपके पास एक बड़ी हवेली  (mansion), भवन  है या मकान  अथवा   एक जंगल के बीच में एक छोटी सी झोपड़ी , एक व्यस्त शहर का अपार्टमेंट, या एक खाली प्लॉटइसके ऊपर अपना स्वामित्व स्थापित करना महत्वपूर्ण है। यह आपकी संपत्ति को पंजीकृत (Property register) करके स्थापित किया जाता  है और बाद के चरण (Later stages) में भ्रम, मुकदमेबाजी और विवादों (Confusion, litigation and disputes) से बचने में मदद करता है। संपत्तियों पर लागू होने वाली कानूनी जटिलताओं, लागतों  (Complications, costs) और कई कानूनों की दुनिया में  हम आपके लिए एक विस्तृत चर्चा लाते  हैं कि अपनी संपत्ति को कैसे पंजीकृत (Registered) किया जाए। इस ब्लॉग के माध्यम से आप जान पाएंगे इन दिल्ली में प्रॉपर्टी रेजिस्टर कैसे करें और आप को किन किन बातों का ध्यान रखना है|

संपत्ति का पंजीकरण क्यों महत्वपूर्ण है ?

दिल्ली में देय स्टाम्प ड्यूटी कितनी है (Stamp duty payable in Delhi)?

दिल्ली में पंजीकरण शुल्क (Registration fee in delhi) कितनी है?

संपत्ति खरीदने से पहले आपको किन दस्तावेजों को देखना चाहिए?

दिल्ली में संपत्ति पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज  

(Documents required for property registration in Delhi)

संपत्ति खरीदने पर विचार करते समय  सबसे महत्वपूर्ण चरणों ( steps) में से एक संपत्ति में मालिक (Property owner) के अधिकार को जाँचना (Check title) और सत्यापित करना ( verify) है। एक बार जब आप अपने सपनों का घर खरीद लेते हैं  तो कई उद्देश्यों  से  लिए आपके नाम पर संपत्ति पंजीकृत (Property registered) होना अनिवार्य होता है अपनी संपत्ति को पंजीकृत करने के कुछ फायदे यहां दिए गए हैं

  1. एक बार जब दस्तावेज (Document) आपके नाम पर दर्ज  (Enter) हो जाते हैं और रजिस्ट्रार के कार्यालय में अपेक्षित स्टांप शुल्क (Expected stamp duty) का भुगतान कर(Pay) दिया जाता है  तो वही संपत्ति किसी और को नहीं बेची जा सकती है। एक साधारण खोज संपत्ति के मालिक के रूप में आपका नाम देता है  और कोई भी पिछला मालिक (Previous owner) किसी अन्य खरीदार (Other buyer)को धोखा (betrayal)नहीं दे सकता है।
  2. यह भूमि और भवन (Land and buildings)  के निर्णायक स्वामित्व  (Decisive ownership) के रूप में कार्य करता है यदि कोई हो और राज्य संपत्ति पर आपके अधिकार की गारंटी देता है।
  3. संपत्ति में भविष्य के सौदे (Future deal) तेजी से और कुशल  (Fast and efficient) हैं। आप को विक्रेता के साथ (With seller) पूर्वबिक्री समझौते (Pre-sale agreement) या अन्य सौदे जमा (Deposit other transaction) नहीं करने होंगे|
  4. आपको नागरिक अधिकारों तक पहुंच मिलती है जो संपत्ति के आनंद की गारंटी देते हैं। तो, किसी भी अतिचार या घुसपैठिया (Trespasser or intruder) के खिलाफ कार्यवाही की जा सकती है।

आपके नाम पर पंजीकृत संपत्ति को आपके द्वारा आसानी से उपहार (Gifts) , सौंपा या बेचा जा सकता है।

दिल्ली में देय स्टाम्प ड्यूटी (Stamp duty payable in Delhi)

स्टैंप ड्यूटी (Stamp duty) राज्य सरकार द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र के (Of jurisdiction ) तहत संपत्तियों के लिए एकत्र शुल्क का एक प्रकार है। स्टैंप ड्यूटी कई प्रकार की संपत्तियों जैसे कृषि, स्वतंत्र घरों , फ्लैटों , टाउनशिप (Township), वाणिज्यिक इकाइयों (Commercial units) आदि पर लागू होती है। स्टैंप ड्यूटी का प्रतिशत जो विभिन्न राज्यों में अलगअलग होता है और दरों की समीक्षा(Analysis) हर साल जनवरी में की जाएगी। देय स्टाम्प शुल्क (Stamp duty payable) में संपत्ति मूल्य के प्रतिशत के रूप में गणना (Calculation)होती है। कुछ राज्यों में स्टांप ड्यूटी पुरुषों और महिलाओं के लिए अलगअलग होती है और उस व्यक्ति के लिंग (Gender) पर आधारित होती है  जिसके नाम पर संपत्ति का पंजीकरण (Property registration) है। इस उद्देश्य से महिलाओं द्वारा संपत्ति के स्वामित्व (Ownership) को प्रोत्साहित किया जाता है। दिल्ली में महिलाओं के लिए, शुल्क 4% है और पुरुषों के लिए, दिल्ली सरकार 6% शुल्क लेती है। इसके अतिरिक्त  संपत्ति के संयुक्त स्वामित्व (joint ownership) के लिए यह दर 5% है।

स्टांप शुल्क की प्रतिपूर्ति के लिए, दिल्ली सरकारसर्कल दरोंका उपयोग करती है। इसने पूरे दिल्ली शहर में संपत्तियों को 8 श्रेणियों में विभाजित किया हैश्रेणी , श्रेणी बी, श्रेणी सी, श्रेणी डी, श्रेणी , श्रेणी एफ, श्रेणी जी, और श्रेणी एच। दिल्ली के सबसे महंगे इलाके श्रेणी का हिस्सा हैं। जबकि श्रेणी H में शहर के सबसे कम मूल्य वाले क्षेत्र हैं।

 

दिल्ली में पंजीकरण शुल्क

Registration fee in delhi

भारतीय पंजीकरण अधिनियम (Indian Registration Act) 1908 की धारा 17 के अनुसार संपत्ति के हस्तांतरण  बिक्री या पट्टे के संबंध में दस्तावेजों को पंजीकृत (Registered documents) करना अनिवार्य है। स्टैम्प वैल्यू (Stamp value) के ऊपर और पंजीकरण शुल्क (Registration fee) का भुगतान संपत्ति के खरीदार द्वारा किया जाता है। यह बाजार मूल्य के 1% या खरीदार और विक्रेता के बीच सहमत होने वाले मूल्य पर जो भी अधिक हो पर निर्भर करता है।

संपत्ति के पंजीकरण में संपत्ति के दो गवाहों और तस्वीरों (Witnesses and photographs) की उपस्थिति (presence) की भी आवश्यकता होती है

संपत्ति खरीदने से पहले आपको किन दस्तावेजों ( documents) को देखना चाहिए?

भारत में दीवानी अदालतों (Civil courts) में लगभग 60% मामलों में संपत्ति विवाद का पता चलता है। धोखाधड़ी की संपत्ति हस्तांतरण (Fraudulent property transfer) , ऋण चूक (Loan default), और बिक्री पर लगातार संपत्ति के बारे में समाचार रिपोर्टों के लिए हम सभी के लिए निजता (Privacy) है । भविष्य के कानूनी संघर्षों से बचने के लिए, संपत्ति खरीदने से पहले आपको दस्तावेज़ों को सत्यापित(Verify documents) करना चाहिए|

प्रॉपर्टी रेजिस्ट्रेशन दिल्ली में

विक्रेता का शीर्षक विलेख (Seller’s title deed)

ये दस्तावेज़ सुनिश्चित  करेंगे  कि संपत्ति का विक्रेता या मालिक आपके पास इसे बेचने की कानूनी क्षमता (legal capacity) रखता है। यह संपत्ति में उसके शीर्षक की पुष्टि करता (Confirms the title) है।

 कृपया अपनी कंपनी का पंजीकरण करें (Please register your company)

प्रमाण पत्र (certificate)

एक एन्कम्ब्रेन्स संपत्ति (An encumbrance property) पर एक शुल्क या ऋण को संदर्भित करता (Refers to) है। भले ही ऋण संपत्ति (Debt asset)के लिए नहीं है यदि बैंक या ऋण देने वाली संस्था में समान संपार्श्विक सुरक्षा (Collateral security) है तो आपकी संपत्ति बैंक द्वारा जब्त (Seized)की गई है। इसलिए संपत्ति (Property) पर किसी भी पूर्व परिधि (East perimeter) के लिए जांच करना उचित(Proper to investigate) है।

नगर निगम के अधिकारियों से बिल्डिंग प्लान की मंजूरी(Clearance)

नगर निगम निर्मित क्षेत्र (Municipal corporation area) पर दिशानिर्देशों को निर्दिष्ट (Specify the guidelines) करता है और कुछ प्रकार के अवरोधों पर प्रतिबंध भी लगाता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप जिस घर को इन विशिष्टताओं के अनुरूप (As per specifications)खरीद रहे हैं  वह घर के विक्रेता से उसके भवन योजना (Building plan) अनुमोदन दस्तावेज (Approval document)के लिए पूछ सकता है।

कर बकाया (Tax arrears)

संपत्ति पर किसी भी लंबित कर देयता (Pending tax liability) की जांच करना एक अच्छा विचार है। दिल्ली के लिए  इस राशि का ऑनलाइन दिल्ली रजिस्ट्रारटी  (Delhi Registrarty) से ऑनलाइन चेक है

दिल्ली में संपत्ति का पंजीकरण

Property registration in Delhi

इससे पहले कि हम दिल्ली में संपत्ति के पंजीकरण (Property registration) की प्रक्रिया का वर्णन (description) करने के लिए आगे बढ़ें  यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि प्रक्रिया ऑनलाइन के साथसाथ ऑफ़लाइन भी की जा सकती है। हालाँकि  ऑनलाइन मोड के बावजूद आपको अपने क्षेत्र के राजस्व विभाग (Revenue Department) के सबरजिस्ट्रार को सभी दस्तावेजों का प्रिंट आउट (Print out of documents) लेना होगा। आवश्यक दस्तावेज़ ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड  (Both modes) के लिए समान हैं।

दिल्ली में संपत्ति पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज

Documents required for property registration in Delhi

खरीदार और विक्रेता की बिक्री की दोनों प्रतियों (Both sales copies)की दो पासपोर्ट आकार की तस्वीरें (Two passport size photos)

पंजीकरण शुल्क उपक्रम (Undertaking e-registration fees)/ शपथ पत्र के साथ पंजीकरण शुल्क की प्राप्ति

अपेक्षित मूल्य का स्टांप पेपर

E-stamp paper of expected value

यदि लेनदेन  5 लाख से अधिक के लिए है तो पैन कार्ड  या फॉर्म 60 की एक स्वसत्यापित प्रति (A self-attested copy)

मतदाता कार्ड, पैन कार्ड जैसे संबंधित पक्षों (विक्रेता, क्रेता, और गवाह, witness) का मूल आईडी प्रमाण। पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड और कंपनियों के मामले में पावर ऑफ अटॉर्नी / बोर्ड संकल्प (Board resolution)

दिल्ली में स्थित अपनी संपत्ति को ऑनलाइन पंजीकृत(Register your property online) करने के लिए, यहाँ चरणों का पालन(Follow the steps) करना होता  है

चरण 1 (stage 1 )

एक ऑनलाइन विलेख  (Deed) बनाएँ। यह दिल्ली पंजीकरण पोर्टल तक पहुंच और होम पेज पर उपलब्ध टैब (Tab available on home page)  से डीड राइटर (Deed writer) विकल्प चुनकर (By choosing option) किया जा सकता है।

चरण 2 (stage 2 )

आप समझौते के प्रकार को चुन सकते हैंज्यादातर  (mostly)- यह एकबिक्रीहोगी हालांकि यदि आप अपनी संपत्ति को उपहार में दे रहे हैं या इसे पट्टे ( lease) के लिए सेट |कर रहे हैं  तो आप अपनी पसंद के अनुसार बदल सकते हैं।||

चरण 3 (stage 3 )

संपत्ति का स्थान चुनना होता है और समझौते के लिए पार्टियों के प्रासंगिक विवरण (Relevant details) जोड़ेंविक्रेता और खरीदार विवरण और साथ ही गवाहों का विवरण (Details of witnesses)। आपको संपत्ति के विचार मूल्य (Consideration value of assets) को भी दर्ज (Enter) करना होगा।

चरण 4 (stage 4 )

आप दिल्ली में सर्कल दरों  (Circle rates) के आधार पर देय स्टांप ड्यूटी की गणना (Calculation of stamp duty payable) कर सकते हैं उस वेबसाइट पर रजिस्ट्रार के निर्दिष्ट कार्यालय  (Designated office)को चुनकर जिसके भीतर आपकी संपत्ति है।

चरण 5 (stage 5)

अपेक्षित मूल्य का एक स्टांप पेपर बनाना होता है । आप सीधे भारत के स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन (Stock holding corporation) जैसे वेबसाइट से ऑनलाइन यहां कर सकते हैं

चरण 6 (stage 6)

अपने क्षेत्र के प्रभारी राजस्व विभाग (Revenue department in charge) के साथ एक नियुक्ति को ठीक करना। यह पोर्टल का उपयोग करके स्वचालित रूप  (Automatic form) से किया जा सकता है। यहां  आपको इलाके और विलेख प्रकार (Territory and Deed Type) का विवरण दर्ज करना (Record the details) होता है। सभी दस्तावेज तैयार होने पर बॉक्स को चेक करें।

अपॉइंटमेंट प्राप्त करने के बाद आपको आवश्यक है कि प्रमुख  दस्तावेजों के साथ राजस्व रजिस्टर(Revenue register) और उनकी सुविधा काउंटर पर ऊपर वर्णित (described above) ज़ेरॉक्स प्रतियों (Xerox copies) को पूरा करना होता है । आप अपनी नियुक्ति को पुनर्निर्धारित (Rescheduled)भी कर सकते हैं। ट्रैकिंग नंबर के साथ पावती रसीद(Acknowledgment receipt) लें। यह ऑनलाइन आवेदन की स्थिति की जाँच करने (To investigate) में उपयोगी हो सकता है।

 

 

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दिल्ली में प्रॉपर्टी रेजिस्ट्रेशन

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चाहे आपके पास एक बड़ी हवेली  (mansion), भवन  है या मकान  अथवा   एक जंगल के बीच में एक छोटी सी झोपड़ी , एक व्यस्त शहर का अपार्टमेंट, या एक खाली प्लॉटइसके ऊपर अपना स्वामित्व स्थापित करना महत्वपूर्ण है। यह आपकी संपत्ति को पंजीकृत (Property register) करके स्थापित किया जाता  है और बाद के चरण (Later stages) में भ्रम, मुकदमेबाजी और विवादों (Confusion, litigation and disputes) से बचने में मदद करता है। संपत्तियों पर लागू होने वाली कानूनी जटिलताओं, लागतों  (Complications, costs) और कई कानूनों की दुनिया में  हम आपके लिए एक विस्तृत चर्चा लाते  हैं कि अपनी संपत्ति को कैसे पंजीकृत (Registered) किया जाए। इस ब्लॉग के माध्यम से आप जान पाएंगे इन दिल्ली में प्रॉपर्टी रेजिस्टर कैसे करें और आप को किन किन बातों का ध्यान रखना है|

संपत्ति का पंजीकरण क्यों महत्वपूर्ण है ?

दिल्ली में देय स्टाम्प ड्यूटी कितनी है (Stamp duty payable in Delhi)?

दिल्ली में पंजीकरण शुल्क (Registration fee in delhi) कितनी है?

संपत्ति खरीदने से पहले आपको किन दस्तावेजों को देखना चाहिए?

दिल्ली में संपत्ति पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज  

(Documents required for property registration in Delhi)

संपत्ति खरीदने पर विचार करते समय  सबसे महत्वपूर्ण चरणों ( steps) में से एक संपत्ति में मालिक (Property owner) के अधिकार को जाँचना (Check title) और सत्यापित करना ( verify) है। एक बार जब आप अपने सपनों का घर खरीद लेते हैं  तो कई उद्देश्यों  से  लिए आपके नाम पर संपत्ति पंजीकृत (Property registered) होना अनिवार्य होता है अपनी संपत्ति को पंजीकृत करने के कुछ फायदे यहां दिए गए हैं

  1. एक बार जब दस्तावेज (Document) आपके नाम पर दर्ज  (Enter) हो जाते हैं और रजिस्ट्रार के कार्यालय में अपेक्षित स्टांप शुल्क (Expected stamp duty) का भुगतान कर(Pay) दिया जाता है  तो वही संपत्ति किसी और को नहीं बेची जा सकती है। एक साधारण खोज संपत्ति के मालिक के रूप में आपका नाम देता है  और कोई भी पिछला मालिक (Previous owner) किसी अन्य खरीदार (Other buyer)को धोखा (betrayal)नहीं दे सकता है।
  2. यह भूमि और भवन (Land and buildings)  के निर्णायक स्वामित्व  (Decisive ownership) के रूप में कार्य करता है यदि कोई हो और राज्य संपत्ति पर आपके अधिकार की गारंटी देता है।
  3. संपत्ति में भविष्य के सौदे (Future deal) तेजी से और कुशल  (Fast and efficient) हैं। आप को विक्रेता के साथ (With seller) पूर्वबिक्री समझौते (Pre-sale agreement) या अन्य सौदे जमा (Deposit other transaction) नहीं करने होंगे|
  4. आपको नागरिक अधिकारों तक पहुंच मिलती है जो संपत्ति के आनंद की गारंटी देते हैं। तो, किसी भी अतिचार या घुसपैठिया (Trespasser or intruder) के खिलाफ कार्यवाही की जा सकती है।

आपके नाम पर पंजीकृत संपत्ति को आपके द्वारा आसानी से उपहार (Gifts) , सौंपा या बेचा जा सकता है।

दिल्ली में देय स्टाम्प ड्यूटी (Stamp duty payable in Delhi)

स्टैंप ड्यूटी (Stamp duty) राज्य सरकार द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र के (Of jurisdiction ) तहत संपत्तियों के लिए एकत्र शुल्क का एक प्रकार है। स्टैंप ड्यूटी कई प्रकार की संपत्तियों जैसे कृषि, स्वतंत्र घरों , फ्लैटों , टाउनशिप (Township), वाणिज्यिक इकाइयों (Commercial units) आदि पर लागू होती है। स्टैंप ड्यूटी का प्रतिशत जो विभिन्न राज्यों में अलगअलग होता है और दरों की समीक्षा(Analysis) हर साल जनवरी में की जाएगी। देय स्टाम्प शुल्क (Stamp duty payable) में संपत्ति मूल्य के प्रतिशत के रूप में गणना (Calculation)होती है। कुछ राज्यों में स्टांप ड्यूटी पुरुषों और महिलाओं के लिए अलगअलग होती है और उस व्यक्ति के लिंग (Gender) पर आधारित होती है  जिसके नाम पर संपत्ति का पंजीकरण (Property registration) है। इस उद्देश्य से महिलाओं द्वारा संपत्ति के स्वामित्व (Ownership) को प्रोत्साहित किया जाता है। दिल्ली में महिलाओं के लिए, शुल्क 4% है और पुरुषों के लिए, दिल्ली सरकार 6% शुल्क लेती है। इसके अतिरिक्त  संपत्ति के संयुक्त स्वामित्व (joint ownership) के लिए यह दर 5% है।

स्टांप शुल्क की प्रतिपूर्ति के लिए, दिल्ली सरकारसर्कल दरोंका उपयोग करती है। इसने पूरे दिल्ली शहर में संपत्तियों को 8 श्रेणियों में विभाजित किया हैश्रेणी , श्रेणी बी, श्रेणी सी, श्रेणी डी, श्रेणी , श्रेणी एफ, श्रेणी जी, और श्रेणी एच। दिल्ली के सबसे महंगे इलाके श्रेणी का हिस्सा हैं। जबकि श्रेणी H में शहर के सबसे कम मूल्य वाले क्षेत्र हैं।

 

दिल्ली में पंजीकरण शुल्क

Registration fee in delhi

भारतीय पंजीकरण अधिनियम (Indian Registration Act) 1908 की धारा 17 के अनुसार संपत्ति के हस्तांतरण  बिक्री या पट्टे के संबंध में दस्तावेजों को पंजीकृत (Registered documents) करना अनिवार्य है। स्टैम्प वैल्यू (Stamp value) के ऊपर और पंजीकरण शुल्क (Registration fee) का भुगतान संपत्ति के खरीदार द्वारा किया जाता है। यह बाजार मूल्य के 1% या खरीदार और विक्रेता के बीच सहमत होने वाले मूल्य पर जो भी अधिक हो पर निर्भर करता है।

संपत्ति के पंजीकरण में संपत्ति के दो गवाहों और तस्वीरों (Witnesses and photographs) की उपस्थिति (presence) की भी आवश्यकता होती है

संपत्ति खरीदने से पहले आपको किन दस्तावेजों ( documents) को देखना चाहिए?

भारत में दीवानी अदालतों (Civil courts) में लगभग 60% मामलों में संपत्ति विवाद का पता चलता है। धोखाधड़ी की संपत्ति हस्तांतरण (Fraudulent property transfer) , ऋण चूक (Loan default), और बिक्री पर लगातार संपत्ति के बारे में समाचार रिपोर्टों के लिए हम सभी के लिए निजता (Privacy) है । भविष्य के कानूनी संघर्षों से बचने के लिए, संपत्ति खरीदने से पहले आपको दस्तावेज़ों को सत्यापित(Verify documents) करना चाहिए|

प्रॉपर्टी रेजिस्ट्रेशन दिल्ली में

विक्रेता का शीर्षक विलेख (Seller’s title deed)

ये दस्तावेज़ सुनिश्चित  करेंगे  कि संपत्ति का विक्रेता या मालिक आपके पास इसे बेचने की कानूनी क्षमता (legal capacity) रखता है। यह संपत्ति में उसके शीर्षक की पुष्टि करता (Confirms the title) है।

 कृपया अपनी कंपनी का पंजीकरण करें (Please register your company)

प्रमाण पत्र (certificate)

एक एन्कम्ब्रेन्स संपत्ति (An encumbrance property) पर एक शुल्क या ऋण को संदर्भित करता (Refers to) है। भले ही ऋण संपत्ति (Debt asset)के लिए नहीं है यदि बैंक या ऋण देने वाली संस्था में समान संपार्श्विक सुरक्षा (Collateral security) है तो आपकी संपत्ति बैंक द्वारा जब्त (Seized)की गई है। इसलिए संपत्ति (Property) पर किसी भी पूर्व परिधि (East perimeter) के लिए जांच करना उचित(Proper to investigate) है।

नगर निगम के अधिकारियों से बिल्डिंग प्लान की मंजूरी(Clearance)

नगर निगम निर्मित क्षेत्र (Municipal corporation area) पर दिशानिर्देशों को निर्दिष्ट (Specify the guidelines) करता है और कुछ प्रकार के अवरोधों पर प्रतिबंध भी लगाता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप जिस घर को इन विशिष्टताओं के अनुरूप (As per specifications)खरीद रहे हैं  वह घर के विक्रेता से उसके भवन योजना (Building plan) अनुमोदन दस्तावेज (Approval document)के लिए पूछ सकता है।

कर बकाया (Tax arrears)

संपत्ति पर किसी भी लंबित कर देयता (Pending tax liability) की जांच करना एक अच्छा विचार है। दिल्ली के लिए  इस राशि का ऑनलाइन दिल्ली रजिस्ट्रारटी  (Delhi Registrarty) से ऑनलाइन चेक है

दिल्ली में संपत्ति का पंजीकरण

Property registration in Delhi

इससे पहले कि हम दिल्ली में संपत्ति के पंजीकरण (Property registration) की प्रक्रिया का वर्णन (description) करने के लिए आगे बढ़ें  यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि प्रक्रिया ऑनलाइन के साथसाथ ऑफ़लाइन भी की जा सकती है। हालाँकि  ऑनलाइन मोड के बावजूद आपको अपने क्षेत्र के राजस्व विभाग (Revenue Department) के सबरजिस्ट्रार को सभी दस्तावेजों का प्रिंट आउट (Print out of documents) लेना होगा। आवश्यक दस्तावेज़ ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड  (Both modes) के लिए समान हैं।

दिल्ली में संपत्ति पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज

Documents required for property registration in Delhi

खरीदार और विक्रेता की बिक्री की दोनों प्रतियों (Both sales copies)की दो पासपोर्ट आकार की तस्वीरें (Two passport size photos)

पंजीकरण शुल्क उपक्रम (Undertaking e-registration fees)/ शपथ पत्र के साथ पंजीकरण शुल्क की प्राप्ति

अपेक्षित मूल्य का स्टांप पेपर

E-stamp paper of expected value

यदि लेनदेन  5 लाख से अधिक के लिए है तो पैन कार्ड  या फॉर्म 60 की एक स्वसत्यापित प्रति (A self-attested copy)

मतदाता कार्ड, पैन कार्ड जैसे संबंधित पक्षों (विक्रेता, क्रेता, और गवाह, witness) का मूल आईडी प्रमाण। पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड और कंपनियों के मामले में पावर ऑफ अटॉर्नी / बोर्ड संकल्प (Board resolution)

दिल्ली में स्थित अपनी संपत्ति को ऑनलाइन पंजीकृत(Register your property online) करने के लिए, यहाँ चरणों का पालन(Follow the steps) करना होता  है

चरण 1 (stage 1 )

एक ऑनलाइन विलेख  (Deed) बनाएँ। यह दिल्ली पंजीकरण पोर्टल तक पहुंच और होम पेज पर उपलब्ध टैब (Tab available on home page)  से डीड राइटर (Deed writer) विकल्प चुनकर (By choosing option) किया जा सकता है।

चरण 2 (stage 2 )

आप समझौते के प्रकार को चुन सकते हैंज्यादातर  (mostly)- यह एकबिक्रीहोगी हालांकि यदि आप अपनी संपत्ति को उपहार में दे रहे हैं या इसे पट्टे ( lease) के लिए सेट |कर रहे हैं  तो आप अपनी पसंद के अनुसार बदल सकते हैं।||

चरण 3 (stage 3 )

संपत्ति का स्थान चुनना होता है और समझौते के लिए पार्टियों के प्रासंगिक विवरण (Relevant details) जोड़ेंविक्रेता और खरीदार विवरण और साथ ही गवाहों का विवरण (Details of witnesses)। आपको संपत्ति के विचार मूल्य (Consideration value of assets) को भी दर्ज (Enter) करना होगा।

चरण 4 (stage 4 )

आप दिल्ली में सर्कल दरों  (Circle rates) के आधार पर देय स्टांप ड्यूटी की गणना (Calculation of stamp duty payable) कर सकते हैं उस वेबसाइट पर रजिस्ट्रार के निर्दिष्ट कार्यालय  (Designated office)को चुनकर जिसके भीतर आपकी संपत्ति है।

चरण 5 (stage 5)

अपेक्षित मूल्य का एक स्टांप पेपर बनाना होता है । आप सीधे भारत के स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन (Stock holding corporation) जैसे वेबसाइट से ऑनलाइन यहां कर सकते हैं

चरण 6 (stage 6)

अपने क्षेत्र के प्रभारी राजस्व विभाग (Revenue department in charge) के साथ एक नियुक्ति को ठीक करना। यह पोर्टल का उपयोग करके स्वचालित रूप  (Automatic form) से किया जा सकता है। यहां  आपको इलाके और विलेख प्रकार (Territory and Deed Type) का विवरण दर्ज करना (Record the details) होता है। सभी दस्तावेज तैयार होने पर बॉक्स को चेक करें।

अपॉइंटमेंट प्राप्त करने के बाद आपको आवश्यक है कि प्रमुख  दस्तावेजों के साथ राजस्व रजिस्टर(Revenue register) और उनकी सुविधा काउंटर पर ऊपर वर्णित (described above) ज़ेरॉक्स प्रतियों (Xerox copies) को पूरा करना होता है । आप अपनी नियुक्ति को पुनर्निर्धारित (Rescheduled)भी कर सकते हैं। ट्रैकिंग नंबर के साथ पावती रसीद(Acknowledgment receipt) लें। यह ऑनलाइन आवेदन की स्थिति की जाँच करने (To investigate) में उपयोगी हो सकता है।

 

 

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