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कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन

किसी की बौद्धिक रचना की कॉपी करके उसे अपना नाम देना अब आसान नहीं रह गया। जी हां, इसके लिए अब बाकायदा कॉपीराइट अधिनियम है, जिसे 1957 में ही लागू कर दिया गया था, लेकिन अब लोग इसके प्रति जागरुक हो चुके हैं। इतना ही नहीं, आजकल हर कोई अपनी मौलिक रचना को चोरी होने से बचाने की हर संभव कोशिश करता है, जिसके लिए सबसे बेहतर तरीका कॉपीराइट अधिनियम है। इसी कड़ी में हम कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन से जुड़ी तमाम जानकारी लेकर आए हैं, जिसकी मदद से आपको इसे समझने में आसानी होगी।

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कॉपीराइट पंजीकरण आपके लिए कैसे काम करता है?

भारत में कॉपीराइट पंजीकरण अपने मालिकाना हक को वितरित करने, दोहराने,काम को पुन: पेश करता है या उसी के लिए किसी अन्य संस्था को प्राधिकरण देता है।

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डेटा की जाँच

हम आपके द्वारा भेजी जाने वाली फ़ाइलों की पूरी जाँच करते हैं

चरण 1

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कॉपीराइट फाइलिंग

हम फिर एप्लिकेशन तैयार करते हैं और फॉर्म फाइल करते हैं

चरण 2

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नियमित अपडेट

हम आपको रजिस्ट्रार द्वारा दी गई सभी सूचनाओं के साथ अद्यतित रखेंगे

चरण 3

कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन क्या है

कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन मौलिक कार्य के निर्माताओं को एक संरक्षण प्रदान करता है, जोकि सहमति के साथ किसी अन्य व्यक्ति को भी सौंपी जा सकती है। इसके अंतर्गत फिल्म, लेख, कहानी, संगीत, पुस्तक, ऑडियो, वीडियो या चित्र आदि शामिल है। कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन होने के बाद मौलिक निर्माता के कार्य को कोई अन्य व्यक्ति बिना उसकी अनुमति नहीं कर सकता है, वरना उस पर मुकदमा चलाया जा सकता है।

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कॉपीराइट के 6 आवश्यक तथ्य

कॉपीराइट पंजीकरण के लिए परेशानी क्यों?

कॉपीराइट मौलिक कार्य पर निर्माता को एक विशेष अधिकार देता है, जिसकी मदद से वे अपने कार्यों की रक्षा कर सकते हैं। कॉपीराइट के अंतर्गत फिल्म, लेख, कहानी, संगीत या चित्र आदि शामिल है, लेकिन लोग रजिस्ट्रेशन कराने से बचते हैं, जिसकी वजह से विवाद शुरु हो जाता है। दरअसल, व्यावसायिक दुनिया में लोग अभी भी लोग कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन के लिए परेशान है, जिसकी वजह से विवाद सुलझाने के लिए अदालत का सहारा लेना पड़ता है।

कॉपीराइट रजिस्ट्रार के उद्देश्य क्या है?

कॉपीराइट रजिस्ट्रार का मुख्य उद्देश्य रिकॉर्ड के कार्यालय के रुप में काम करना होता है। इतना ही नहीं, कॉपीराइट रजिस्ट्रार का उद्देश्य कॉपीराइट से संबंधित तमाम दावों की निगरानी रखनी होती है, जोकि उसके पास मौजूद होते हैं। रजिस्ट्रार कॉपीराइट की प्रक्रिया, प्रावधानों, संचालन और प्रथाओं की व्याख्या के साथ ही समस्त दस्तावेज़ों की व्याख्या करता है।

कॉपीराइट से मुझे क्या संरक्षण प्राप्त है?

यूं तो कॉपीराइट की सुरक्षा लेखक (अपनी कहानी लिखने पर) को खुद ब खुद ही मिल जाती है, लेकिन कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन करा कर वह एक पॉलिसी ख़रीद लेता है, जिससे उसके मौलिक कार्यों को सुरक्षा प्रदान की जाती है। कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन आपके काम का एक सार्वजनिक रिकॉर्ड बनाता है, जिसका उपयोग आप तब कर सकते हैं, जब किसी ने आपकी सामग्री के साथ छेड़छाड़ यानि उसे चोरी की हो। ऐसी स्थिति में आप उस पर मुकदमा चला सकते हैं।

दूसरी पार्टी मेरे काम पर अपना अधिकार कैसे साबित करेगी?

यदि आपने अपने मूल काम का कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है, तो दूसरी पार्टी आपके काम पर अधिकार साबित कर सकती है। इतना ही नहीं, दूसरी पार्टी यह भी दिखा सकती है कि आपने ही उसे काम करने की अनुमति दी थी या फिर आप पर ही चोरी करने का आरोप भी लगा सकती है। इन सबसे बचने के लिए आपको पहले से कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन करवा लेना चाहिए।

कलाकारों के अधिकार क्या है?

जिस तरह से संगीत लिखने के बाद उसे टेप में रिकॉर्ड किया जाता है, लेकिन टेप को उसका अधिकार नहीं मिलता है, ठीक उसी तरह से प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को कॉपीराइट का कोई अधिकार नहीं होता है। बता दें कि प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को उनके काम के लिए अवॉर्ड दिए जाते हैं, लेकिन उनके पास प्रदर्शन करने का अधिकार नहीं होता है।

क्या मैं फिल्म या साउंड रिकॉर्डिंग का कॉपीराइट कर सकता हूं?

यदि आप किसी फिल्म, ऑडियो या वीडियो के ट्रैक को कॉपीराइट करना चाहते हैं, तो इसके लिए इसमें शामिल तमाम लोगों की मंजूरी का होना ज़रूरी है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, अब साउंड रिकॉर्डिंग और सिनेमेटोग्राफी कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है।

कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक दस्तावेज़

कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है-

व्यक्तिगत जानकारी

  • आवेदक का नाम, पता और राष्ट्रीयता
  • उदाहरण के लिए- निखिल कुमार, करोल बाग, नई दिल्ली, 111005, भारतीय।

    कार्य की प्रकृति

  • कार्य का वर्ग या विवरण
  • उदाहरण के लिए- साहित्यिक या कलात्मक कार्य।

  • कार्य का शीर्षक
  • उदाहरण के लिए- यदि वेबसाइट से संबंधित हो, तो उसका URL देना चाहिए।

  • कार्य की भाषा
  • उदाहरण के लिए- हिंदी, अंग्रेजी या फिर जिस भाषा में आपका काम हो, उसका ज़िक्र।

  • प्रकाशन की तारीख
  • यदि आपका मौलिक कार्य कहीं प्रकाशित हुआ हो तो उसकी तारीख। ध्यान रखें कि किसी कंपनी की पत्रिका या प्रोफेसर को प्रस्तुत शोध पत्र, प्रकाशन के अंतर्गत नहीं आते हैं।

    FAQs on कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन

    क्या कॉपीराइट शीर्षक या नाम पर लागू होता है?

    अमूमन कॉपीराइट किसी शीर्षक, नाम, शब्द संयोजनों, विधियों, छोटे वाक्यांश या तथ्यों पर नहीं लागू होता है। दरअसल, कॉपीराइट विचाराओं या अवधारणों की रक्षा नहीं करता है, बल्कि इसके लिए एक मूल कार्य का होना ज़रूरी है।

    कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन के लिए कौन कौन से दस्तावेज़ ज़रूरी है?

    आवेदक को पहचान पत्र और पता के साथ काम की एक प्रति देनी होती है। यदि किसी कंपनी को कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन करवाना हो तो उसके लिए कंपनी के नाम के साथ साथ सर्टिफिकेट ऑफ इनकॉर्पोरेशन और निवास प्रमाण पत्र देना होता है।

    ट्रेडमार्क या कॉपीराइट में अंतर क्या है?

    जहां एक तरफ ट्रेडमार्क लोगो, ब्रांड या स्लोगन की रक्षा करता है, तो वहीं दूसरी तरफ कॉपीराइट पुस्तक, संगीत, वीडियो और कलात्मक सामग्री आदि को सुरक्षा मुहैया कराता है।

    कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने के बाद यदि कोई सामग्री चोरी करता है, तो क्या कर सकते हैं?

    बिल्कुल। आपको तुरंत कानूनी नोटिस भेजना चाहिए, लेकिन फिर भी समस्या खत्म नहीं होती है तो आप अदालत में दूसरे पक्ष के खिलाफ अन्य शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

    क्या मैं कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन को बेच सकता हूं या स्थानांतरित कर सकता हूं?

    बिल्कुल। कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन को मालिक की अनुमति के साथ बेचा, बदला या किसी को उपहार में दिया जा सकता है।

    कॉपीराइट धारक के पास क्या क्या अधिकार होते हैं?

    कॉपीराइट धारक के पास रचनात्मक कार्य की प्रतिलिपि या फिर दोबारा पेश करने का अधिकार होता है। साथ ही वह यह तय कर सकता है कि इस काम के लिए किसको श्रेय देना है या फिर इससे जुड़ी वित्तीय राशि का लाभ कौन ले सकता है।

    भारत में कॉपीराइट कानून द्वारा किस प्रकार के कार्य सुरक्षित हैं?

    कोई भी साहित्यिक कार्य, चित्र, वास्तुकला, फिल्म, मूर्तियां, रचना, ऑडियो, वीडियो या अन्य प्रकार के बौद्धिक कार्य शामिल है। इतना ही नहीं, एक संगीतकार भी अपने संगीत पर कॉपीराइट लागू कर सकता है।

    कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन से जुड़े कुछ प्रमुख सवाल

    अक्सर लोगों के मन में कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन से जुड़े कुछ सवाल होते हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख सवालों के जवाब नीचे दिए जा रहे हैं-

    आपको क्या जानने की जरूरत है

    अनुशासित रहें

    कई व्यवसायों ने अपनी अनुपालन आवश्यकताओं को ढेर कर दिया, भले ही उनकी देखभाल में बहुत कम प्रयास शामिल है, जिसकी अक्सर कल्पना की जाती है। निवेश या बैंक ऋण की तलाश में शुरुआती दिनों से अनुशासित रहना काफी मददगार होगा, क्योंकि दोनों यह सुनिश्चित करना चाहेंगे कि आपका व्यवसाय रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) की आवश्यकताओं के अनुरूप हो।

    नियमित अपडेट

    पूरे वर्ष में कंपनी सेक्रेटरी को बुलाना इस बात को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है कि आपके व्यवसाय को कानून के अनुसार चलाया जाए। हमारी टीम आपको पूरे वर्ष में RoC द्वारा किए गए सभी परिवर्तनों के साथ अद्यतित रखेगी। यह पैकेज भुगतान की तारीख से 12 महीने के लिए वैध है, न कि वित्तीय वर्ष की शुरुआत से।

    कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया

    कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के लिए आपको निम्न चरणों से गुज़रना पड़ सकता है-

    तीन दिन में

    हमारे सहयोगी आपसे कुछ ज़रूरी जानकारी मांगेंगे, जिसमें आपके मौलिक कार्य की जानकारी होगी। बता दें कि आपको अपने काम की तीन प्रतियों पर साइन करके हमें भेजना है, जिसके बाद हम आपको मेल द्वारा सूचित करेंगे।

    दो दिन में

    जब आप हमारे सहयोगी द्वारा मांगी गई जानकारी देंगे, तब हमारे विशेषज्ञ कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन फॉर्म को जमा करके दिल्ली के रजिस्ट्रार दफ्तर में जमा करेंगे। यह प्रक्रिया दो दिन में पूरी होगी।

    12 महीने में

    कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन का फॉर्म दफ्तर में जमा होने के बाद इसमें 12 महीने का समय लगता है। फॉर्म जमा होने के बाद आपको एक डायरी नंबर दिया जाएगा। बता दें कि यदि फॉर्म में कोई ग़लती हुई तो उसे ठीक कराने के लिए आपको 1500 रुपये चुकाने होंगे। इस दौरान यदि 30 तक फॉर्म से संबंधित कोई भी आपत्ति होती है, तो इसका जवाब आपको 45 दिनों के अंदर दाखिल करना होगा। हमारे विशेषज्ञ आपके आवेदन के संबंध में समय समय पर जानकारी देते रहेंगे।

    क्यों Vakilsearch

    3 कार्य दिवस

    यदि आपको सभी दस्तावेज मिल गए हैं और प्राधिकरण पत्र पर तुरंत हस्ताक्षर कर देते हैं, तो हमें दिल्ली में रजिस्ट्रार के साथ आवेदन दाखिल करने में तीन कार्य दिवस लगेंगे।

    9.1 ग्राहक स्कोर

    हम सरकार के साथ आपकी बातचीत को उतना ही सहज बनाते हैं जितना आपके लिए सभी कागजी कार्रवाई करके संभव है। हम यथार्थवादी अपेक्षाओं को निर्धारित करने की प्रक्रिया पर भी आपको स्पष्टता प्रदान करेंगे।

    160 मजबूत टीम

    अनुभवी व्यापार सलाहकारों की हमारी टीम एक फोन कॉल दूर है, क्या आपको प्रक्रिया के बारे में कोई प्रश्न पूछना चाहिए। लेकिन हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि आपके संदेह उत्पन्न होने से पहले ही उन्हें साफ़ कर दिया जाए।

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