उत्तर प्रदेश वैट

0
5305
UP VAT

उत्तर प्रदेश वैट अधिनियम, २००८ उत्तर प्रदेश (भारत के सबसे बड़े राज्य ) में मूल्य वर्धित कर से संबंधित सभी मामलों को नियंत्रित करता है। १० लाख करोड़ से भी अधिक जीडीपी वाले उत्तर प्रदेश में इस अधिनियम के तहत सात लाख से अधिक डीलर पंजीकृत हैं। आइये उत्तर प्रदेश में वैट पंजीकरण की सारी जानकारी पता करते हैं| पंजीकरण कैसे करें, वैट की दरों से लेकर रिटर्न की प्रक्रिया तक ।

उत्तर प्रदेश वैट पंजीकरण

उत्तर प्रदेश में वैट पंजीकरण निम्नलिखित मामलों में से किसी एक में आवश्यक है:
१. डीलर के कारोबार ४१,६६६ रुपये प्रति माह से अधिक है।
२. व्यापारी किसी भी अन्य राज्य से आयातित वस्तुओं को बेचता है या किसी अन्य राज्य में निर्मित उपकरणों का उपयोग कर वास्तु बनाता है।
३. डीलर केन्द्रीय बिक्री कर के तहत पंजीकृत है।
४. डीलर उत्तर प्रदेश के बाहर रहता है, लेकिन वास्तु राज्य में बेचता है या विनिर्माण राज्य के भीतर से है।
५. यदि वो कमीशन एजेंट, शराब विक्रेता, कोल्ड स्टोरेज इकाई या दलाल हैं।

उत्तर प्रदेश में वैट पंजीकरण की प्रक्रिया भारत के किसीअन्य हिस्से के रूप में ही है। आप पूरे उत्तर प्रदेश वैट अधिनियम, २००८ को यहां डाउनलोड कर सकते हैं । निम्न फॉर्म आवेदन के हिस्से के रूप में आवश्यक होंगे :

१. वैट I (ट्रेजरी फार्म २०९)
२. वैट V (वैट वस्तुओं की बिक्री के लिए प्रमाणपत्र)
३. वैट VII (पंजीकरण के लिए आवेदन)
४. वैट IV (व्यवसाय समाप्ति)
५. वैट VI (वैट माल की खरीद के लिए प्रमाणपत्र)
६. वैट XIV (ट्रांसपोर्टर पंजीकरण के लिए आवेदन)

उत्तर प्रदेश वैट रिटर्न दाखिला

उत्तर प्रदेश में किस आवृत्ति के साथ रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता है, यह आपके व्यवसाय पर निर्भर करता है। संवेदनशील कारोबार जैसे तेल, लोहा-इस्पात, कोयला, चिकित्सा, सीमेंट, इलेक्ट्रॉनिक सामान में शामिल व्यक्तियों को, प्रत्येक माह के अंतिम दिन पर वैट रेतुर्न फाइल करना होता है।

हालांकि, अन्य व्यवसायों के डीलर अपने वैट रिटर्न पिछले महीने की अंतिम तारिख से २० दिन के भीतर दाखिल कर सकते हैं।
पूर्ववर्ती निर्धारण वर्ष के लिए, वार्षिक वैट रिटर्न ३१ अक्टूबर या उससे पहले दर्ज किया जाना चाहिए। सभी वैट संग्रह का भुगतान रिटर्न दाखिल करने की तारीख से पहले किया जाना चाहिए | (दोनों की समय सीमा एक है) .

डाउनलोड फाइल : सभी वैट रिटर्न यूपी कमर्शियल वेबसाइट पर अपलोड होने चाहिए । होमपेज पर, आपको अपने रिटर्न को पूरा करने के लिए आवश्यक एक्सेल फाइल का लिंक मिल जाएगा। वहाँ १० शीट की एक फाइल मिलेगी । अधिकतर जानकारी सिर्फ एक बार भरने जरूरत है; १० में से केवल ३ शीट में हर महीने जानकारी भरनी होगी ।

ऑफलाइन टूल: कमर्शियल टैक्सेज वेबसाइट पर, ऑफ़लाइन टूलसंस्करण ५.०, मिल जाएगा जो जांच लेगा की आपने एक्सेल फाइल ठीक भरी है की नहीं । आपने अगर उन्हें सही ढंग में भर दिया है, तो आपको सिर्फ टूलका उपयोग कर फ़ाइलें ज़िप करने की जरूरत है और अब वे अपलोड के लिए तैयार हैं।

लॉग इन: रिटअर्न को अपलोड करने के लिए आपको यूपी वैट रिटअर्न पेज पर जाना पड़ेगा। राज्य सर्कार के साथ पंजीकरण के वक़्त दिए गए यूज़रनेम और पासवर्ड का उपयोग कर आप अपने खाते में प्रवेश कर सकते हैं। यदि आप पहली बार प्रवेश कर रहे हैं, तो आपको पासवर्ड बदलने के लिए कहा जा सकता है।

नया टोकन प्राप्त करने हेतु: लॉगिन करने पर, आपके पास विकल्प होगा ‘प्रोसीड टू इ-फाइलिंग ‘ और मेनू पृष्ठ पर पुनः निर्देशित किया जायेगा । अब आप नए टोकन प्राप्ति का चयन कर सकते हैं। आप जिस अवधि के लिए रिटर्न फाइल करना चाहते हैं उसका चयन करना होगा। आमतौर पर, यह पहले महीने के लिए होता है।

नई और पुरानी रिटर्न: अब आप पाएंगे दो संस्करणों है जिसके तहत आप रिटर्न फाइल कर सकते हैं : एक पुराना और एक नया संस्करण। पुराने संस्करण में रिटअर्न फरवरी २०१० से पहले (या सहित) और नए संस्करण में रिटर्न फरवरी २०१० के बाद के लिए है। तदानुसार, टोकन प्राप्त करें और अपने डिजिटल हस्ताक्षर पंजीकृत करें (अगर कोई है तो)।

ज़िप फ़ाइलें अपलोड : अब आप लगभग अपनी फाइल को अपलोड करने के लिए तैयार हैं। आपको पहले मुख्य मेनू पर लौटना है और फिर ‘फार्म-२४ फाइल अपलोड’ को चुनना है। आप टोकन नंबर दर्ज करें और सबमिट पर अंकित करें। अब ऑफ़लाइन टूल संस्करण ५.० का उपयोग कर ज़िपित फ़ाइलों को अपलोड करें। डेटा केवल अगले दिन सरकार तक पहुंचेगा, तो परेशान न हो अगर आपको पता लगे की आपका डेटा अभी तक क्रियान्वित नहीं किया गया है।

रसीद प्राप्ति: अगले दिन, आप पाएंगे कि संबंधित रिपोर्ट उत्पन्न किया गया है। अब आप अंतिम रसीद देख सकते हैं। आपका ई-रिटर्न अब दर्ज किया गया है।

SHARE
A lawyer with 14 years' experience, Vikram has worked with several well-known corporate law firms before joining Vakilsearch.

LEAVE A REPLY