लीगल नोटिस और प्रासेस 

Last Updated at: October 05, 2020
190
लीगल नोटिस

लड़ाई – झगड़े ,बीजिनेस मैटर, या ऑनलाइन फ्रॉड – बहुत बार आपके साथ गलत होता है और आप कोर्ट जाना चाहते हैं।  या हम कहे की आप कोर्ट की मदद से न्याय पाना चाहता हैं। न्याय की दिशा में पहला कदम है लीगल नोटिस भेजना। क्या है ये लीगल नोटिस, कैसे भेजें क्या होता है इसमें आइये देखते हैं |

नोटिस  लीगल एक्शन से पहले आपके इंटेन्शन के बारे मे बताता है और इस प्रकार  पार्टी को आपके कम्पलेन से अवेयर कराता है।  कई बार  एक लीगल नोटिस जो सेकेंड पार्टी को प्रजेंट करने को बाध्य करता है दोनों पार्टी आमने – सामने होती है | और विशेष रूप से विचार-विमर्श के साथ कोर्ट से प्राबलम का सोल्युशन पा सकते और  यदि सेकेंड पार्टी  अभी भी कांप्लेन को असेप्ट नहीं कर रहा है  तो कोई कंटिन्यु एक स्पेसल इंटरवल के बाद कोर्ट की कार्यवाही स्टार्ट कर सकता है जैसा कि लॉ द्वारा कहा गया है।

हालांकि एक लीगल नोटिस पार्टियों के बीच बातचीत के उद्देश्य के रूप में काम कर सकता है और टाइम ,एफर्ट और धन बचा सकता है जो जनरली  कोर्ट के मामलों में खर्च होते हैं।

स्पेसल इंटरवल 1908 की आर्टिकल 80 के अनुसार लीगल नोटिस फाइल किया जाता है और केवल सिविल अफेयर में फाइल किया जाता है। एक नोटिस एक इन्फार्मेशन है और इस प्रकार निम्नलिखित जानकारी देता है –

  1. कम्पलेन से रिलेटेड  सही स्टेटमेंट और फ़ैक्ट जिसके लिए कार्रवाई की जानी है।
  2. कंडोलेंस पार्टी द्वारा मांगी गई ऑप्शन, रिलीफ़ ।
  3. रिलीफ़ , प्राबलम्स को कैसे हल
  4.  किया जा सकता है  फ़ैक्टस का सम्मरी और इसे साल्व किया जा सकता है।

प्राबलम्स के बारे में एक पूरी जानकारी जो कि अग्रिव्ड़ पार्टी का  सामना कर रही है  इस मैटर को साल्व करने के लिए क्या किया जा सकता है इस के साथ ज्वइंटली और क्लियरली मेनशन किए जाने की आवश्यकता है । नोटिस के लास्ट पास्ट में इस बात का डिटेल्ड एकाउंट होना चाहिए कि यदि कम्पलेन पर रिसीप्रोकली एग्री हो तो  रिलीफ़ कैसे  प्राप्त की  जा सकती है 

प्राप्त लीगल नोटिस 

एक कंप्लीटली तैयार लीगल  नोटिस  दोनों पार्टी के बीच मिडिएटर के रूप में कार्य कर सकता है और यदि वे दोनों इस मुद्दे पर एग्रीमेंट करने के लिए तैयार हैं तो कोर्ट से इस इस्यूसेस को सुलझाने में मदद कर सकते है।

एक कानूनी नोटिस फार्मेट में फालोविंग पॉइंट्स होने चाहिए –

  • पार्टीज के नाम
  • डिटेल 
  • नोटिस भेजने वाले के रहने का स्थान
  • एस्पेक्ट के प्रभाव 
  • नोटिस के सेंडर द्वारा क्लेम किया गया मोनेटरी रिलीफ़ 
  • रिलीफ़ के लिए लीगल बेस का क्लेम किया जाना 

लीगल नोटिस एंटर करना

एक लीगल नोटिस मे  एक्यूरेसी  की आवश्यकता होती है और यह स्योर  करने के लिए कि भेजे गए मेसेज सही हैं  क्लियर लङ्ग्वेज का यूज करें। एक लीगल एक्सपर्ट नोटिस को आगे बढ़ाने में हेल्प कर सकता है और किसी रेयर मैटर के लिए इसे आवश्यक बना सकता है।

प्रासेज

  1. पहला फ़र्स्ट स्टेप लीगल नोटिस का मैटर तैयार करना है  इस मैटर को साल्व करने के लिए रिलीफ़ और स्योर टाइम लिमिट  (30 से 60 दिन) होते है इस मैटर को साल्व  करने के लिए सेकेंड पार्टी को एड्रेस किया जाना चाहिए और एक रजिस्टर्ड एडी पोस्ट के मीडियम से भेजा जाना चाहिए। ।
  2. नोटिस भेजने के बाद भेजी गई रसीद की कॉपी को सेव कर लें। कोर्ट केस के लिए फाइल करने के मामले में यह काम आ सकता है।
  3. कोर्ट केस फाइल करने से पहले एक फिक्स टाइम के लिए वेट करें।
  4. अब व्यक्ति या इन्स्टीट्यूट पर जिसे  लीगल नोटिस एड्रेस किया जाता है मेंसंड दिनों से ऊपर नोटिस के साथ रिटर्न या कोर्ट डिस्पोजल से बाहर के लिए एग्री करना होता है ।

हालाँकि सेकेंड पार्टी लीगल नोटिस का एंस्वर दे भी सकती हैं और नहीं भी  यह उस व्यक्ति के लिए आवश्यक है जिस पर नोटिस को सिड्युल्ड टाइम के अंडर एंस्वर भेजने के लिए एड्रेस किया जाता है।  यदि नोटिस का एंस्वर नहीं दिया जाता है तो कोई कानून फालों नहीं करने का लॉस हो सकता है  और इस प्रकार कोर्ट में प्रजेंट होने पर सेकेंड पार्टी को अनफ़ेयर प्राफ़िट मिल सकता है।

 

0

लीगल नोटिस और प्रासेस 

190

लड़ाई – झगड़े ,बीजिनेस मैटर, या ऑनलाइन फ्रॉड – बहुत बार आपके साथ गलत होता है और आप कोर्ट जाना चाहते हैं।  या हम कहे की आप कोर्ट की मदद से न्याय पाना चाहता हैं। न्याय की दिशा में पहला कदम है लीगल नोटिस भेजना। क्या है ये लीगल नोटिस, कैसे भेजें क्या होता है इसमें आइये देखते हैं |

नोटिस  लीगल एक्शन से पहले आपके इंटेन्शन के बारे मे बताता है और इस प्रकार  पार्टी को आपके कम्पलेन से अवेयर कराता है।  कई बार  एक लीगल नोटिस जो सेकेंड पार्टी को प्रजेंट करने को बाध्य करता है दोनों पार्टी आमने – सामने होती है | और विशेष रूप से विचार-विमर्श के साथ कोर्ट से प्राबलम का सोल्युशन पा सकते और  यदि सेकेंड पार्टी  अभी भी कांप्लेन को असेप्ट नहीं कर रहा है  तो कोई कंटिन्यु एक स्पेसल इंटरवल के बाद कोर्ट की कार्यवाही स्टार्ट कर सकता है जैसा कि लॉ द्वारा कहा गया है।

हालांकि एक लीगल नोटिस पार्टियों के बीच बातचीत के उद्देश्य के रूप में काम कर सकता है और टाइम ,एफर्ट और धन बचा सकता है जो जनरली  कोर्ट के मामलों में खर्च होते हैं।

स्पेसल इंटरवल 1908 की आर्टिकल 80 के अनुसार लीगल नोटिस फाइल किया जाता है और केवल सिविल अफेयर में फाइल किया जाता है। एक नोटिस एक इन्फार्मेशन है और इस प्रकार निम्नलिखित जानकारी देता है –

  1. कम्पलेन से रिलेटेड  सही स्टेटमेंट और फ़ैक्ट जिसके लिए कार्रवाई की जानी है।
  2. कंडोलेंस पार्टी द्वारा मांगी गई ऑप्शन, रिलीफ़ ।
  3. रिलीफ़ , प्राबलम्स को कैसे हल
  4.  किया जा सकता है  फ़ैक्टस का सम्मरी और इसे साल्व किया जा सकता है।

प्राबलम्स के बारे में एक पूरी जानकारी जो कि अग्रिव्ड़ पार्टी का  सामना कर रही है  इस मैटर को साल्व करने के लिए क्या किया जा सकता है इस के साथ ज्वइंटली और क्लियरली मेनशन किए जाने की आवश्यकता है । नोटिस के लास्ट पास्ट में इस बात का डिटेल्ड एकाउंट होना चाहिए कि यदि कम्पलेन पर रिसीप्रोकली एग्री हो तो  रिलीफ़ कैसे  प्राप्त की  जा सकती है 

प्राप्त लीगल नोटिस 

एक कंप्लीटली तैयार लीगल  नोटिस  दोनों पार्टी के बीच मिडिएटर के रूप में कार्य कर सकता है और यदि वे दोनों इस मुद्दे पर एग्रीमेंट करने के लिए तैयार हैं तो कोर्ट से इस इस्यूसेस को सुलझाने में मदद कर सकते है।

एक कानूनी नोटिस फार्मेट में फालोविंग पॉइंट्स होने चाहिए –

  • पार्टीज के नाम
  • डिटेल 
  • नोटिस भेजने वाले के रहने का स्थान
  • एस्पेक्ट के प्रभाव 
  • नोटिस के सेंडर द्वारा क्लेम किया गया मोनेटरी रिलीफ़ 
  • रिलीफ़ के लिए लीगल बेस का क्लेम किया जाना 

लीगल नोटिस एंटर करना

एक लीगल नोटिस मे  एक्यूरेसी  की आवश्यकता होती है और यह स्योर  करने के लिए कि भेजे गए मेसेज सही हैं  क्लियर लङ्ग्वेज का यूज करें। एक लीगल एक्सपर्ट नोटिस को आगे बढ़ाने में हेल्प कर सकता है और किसी रेयर मैटर के लिए इसे आवश्यक बना सकता है।

प्रासेज

  1. पहला फ़र्स्ट स्टेप लीगल नोटिस का मैटर तैयार करना है  इस मैटर को साल्व करने के लिए रिलीफ़ और स्योर टाइम लिमिट  (30 से 60 दिन) होते है इस मैटर को साल्व  करने के लिए सेकेंड पार्टी को एड्रेस किया जाना चाहिए और एक रजिस्टर्ड एडी पोस्ट के मीडियम से भेजा जाना चाहिए। ।
  2. नोटिस भेजने के बाद भेजी गई रसीद की कॉपी को सेव कर लें। कोर्ट केस के लिए फाइल करने के मामले में यह काम आ सकता है।
  3. कोर्ट केस फाइल करने से पहले एक फिक्स टाइम के लिए वेट करें।
  4. अब व्यक्ति या इन्स्टीट्यूट पर जिसे  लीगल नोटिस एड्रेस किया जाता है मेंसंड दिनों से ऊपर नोटिस के साथ रिटर्न या कोर्ट डिस्पोजल से बाहर के लिए एग्री करना होता है ।

हालाँकि सेकेंड पार्टी लीगल नोटिस का एंस्वर दे भी सकती हैं और नहीं भी  यह उस व्यक्ति के लिए आवश्यक है जिस पर नोटिस को सिड्युल्ड टाइम के अंडर एंस्वर भेजने के लिए एड्रेस किया जाता है।  यदि नोटिस का एंस्वर नहीं दिया जाता है तो कोई कानून फालों नहीं करने का लॉस हो सकता है  और इस प्रकार कोर्ट में प्रजेंट होने पर सेकेंड पार्टी को अनफ़ेयर प्राफ़िट मिल सकता है।

 

0

No Record Found
शेयर करें