क्या आप SC जाती प्रमाण पत्र को जनरल में बदल सकते हैं?

Last Updated at: July 20, 2020
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क्या आप SC जाती प्रमाण पत्र को जनरल में बदल सकते हैं?

भारत अनेक धर्मो वाला देश है| हाँ यहाँ यदि कोई अपना धर्म बदलने की इच्छा रखता है तो स्वेच्छा से किसी दूसरे  धर्म को स्वीकार कर सकता है  लेकिन जाती बदलना संभव नहीं । एससी/एसटी या ओबीसी के लिए रिजर्वेशन का लाभ अपर कास्ट में जन्म लेने वाला व्यक्ति नहीं प्राप्त सकता। सही ! कोई बर्थ से ही कास्ट प्राप्त करता है  कई सिचुएशन होते है जिनके कारण यदि कोई त्रुटि है  तो आप इसे ठीक करवा सकते हैं कुछ ऐसी ही जानकारी एससी से जनरल में कास्ट चेंजिंग के बारे में बताती है|

कास्ट चेंजिंग

भारत मे कास्ट सिस्टम अभी भी स्वतन्त्र नहीं है और यह किसी व्यक्ति का अपना निर्णय नहीं होता है। इसे रेयर   सिचुएशन में बदला जा सकता है|  यदि आपके माता-पिता अलग-अलग जातियों (Castes) के हैं  तो आपके पास उनकी एक कास्ट का विकल्प है। कास्ट चेंजिंग को कानूनी रूप से तभी प्राप्त किया जा सकता है जब किसी को एडाप्ट किया गया हो। और अगर एक बच्चा (जिसका इनर कास्ट मैरिज में जन्म हुआ है) जब 21 वर्ष की आयु प्राप्त करता है तो रेयर सिचुएशन में पिता या माता मे से किसी एक जाति को  चुन सकता है।

 जहाँ तक विवाह के मामले होते है  सिड्यूल कास्ट  (एससी) से अदर बैकवर्ड क्लाससेज  (ओबीसी) या रिलीजन में चेंजिंग संभव नहीं है  जैसा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्देश (Instructions) है।

महिला कास्ट  आमतौर पर अपने फेमिली  की जाति से पहचानी जाती है। पहले शादी एक ही जाति में होती थी। फिर भी आजकल ऐसी शादी कस्बों में बहुत साधारण बात है। ऐसे मामलों में  दुल्हन दूल्हे की कास्ट को इनर कास्ट मैरिज के द्वारा अपनाती है लेकिन यह उसकी स्व- इच्छा है दुल्हन दूल्हे की जाति को भी स्वीकार करने से इनकार कर सकती है। जस्ट अपोजीट  पुरुष (male) की कास्ट जन्म से परिभाषित (Defined)  होती है। इसलिए पुरुष अपने कास्ट नहीं बदल सकते।

जाती प्रमाण पत्र जानकारी

सिड्यूल कास्ट की लिस्ट 

सिड्यूल कास्ट और सिड्यूल ट्राइब भारत में आफिसियल तौर पर लोगों के वर्ग होते हैं। भारत के पार्लियामेंट में कंडीशंस को मान्यता दी गई है और समूहों को एक श्रेणी (category)  में पहचाना जाता है। सिड्यूल कास्ट और सिड्यूल ट्राइब भारत की जनसंख्या का लगभग 16.6 प्रतिशत है (2011 की जनगणना के अनुसार) और क्रमशः 8.6 प्रतिशत हैं। 1950 की संविधान (सिड्यूल कास्ट) आदेश में मेंशन है  भारतीय संविधान की पहली अनुसूची (Schedule) में  25 राज्यों में 1,108 कास्ट्स लिस्ट  है  जबकि 1950 के संविधान (सिड्यूल ट्राइब्स ) के आर्डर  में 22 राज्यों में 744 ट्राइब्स लिस्ट् है।

इस लिंक में  आपको राज्य के अनुसार सभी सिड्यूल क्लासेज  की लिस्ट मिल जाएगी और इसे भारत सरकार के सोसल जस्टिस और अधिकारिता मंत्री (Minister of Empowerment) द्वारा अपडेट किया जाता है।

भारत में जनरल कास्ट्स

फॉरवर्ड कास्ट् (जनरल कास्ट्स  फ्री रेंज के रूप में जाने जाते है ) भारत में सामाजिक वर्गों को सूचित करने के लिए एक थिंकिंग है कि एकोनामी और सोसल फ्रंट पर एवरेज अन्य भारतीयों से आगे हैं। इसके अतिरिक्त जनरल कास्ट्स की आबादी लगभग 18.8 प्रतिशत है  कास्ट्स की संख्या क्षेत्र में भिन्न है। जनरल कास्ट्स को उनकी सामाजिक शैक्षिक आर्थिक स्थिति की केयर न करते हुए  शैक्षिक संस्थानों और केंद्र सरकार की नौकरियों दी जा रही है  अनरिजर्व सीटों के लिए कंपटीशन करने की अनुमति है। जनरल कास्ट्स का एक बड़ा हिस्सा गरीबी रेखा से नीचे रहता है और इस समुदाय के 30 प्रतिशत से अधिक सदस्य इलिटरेट हैं।

वह स्थान जहाँ जाति मायने रखती है  हालांकि  दस्तावेज़ है। एससी फॉर्म क्लास होने के लिए प्रूफ के रूप में विभिन्न अधिकारियों से सर्टिफिकेट की आवश्यकता होती है जैसा कि यह कुछ सरकारी प्राफ़िट को दिखाता है। लेकिन जनरल क्लास  के लिए प्रमाण आवश्यक नहीं है। यदि आपको SC से जनरल सिचुएशन में जाना है तो आपको अपने डाक्यूमेंट्स में जनरल क्लास का उल्लेख करना होगा। जब यह आपके लिए सुविधाजनक है  तो अपना सरनेम बदलकर कुछ नार्मल रखें।

जस्ट अपोजीट यह है की  कास्ट्स को जनरल से SC में चेंज करने के लिए बड़ी संख्या में डाक्यूमेंट्स और अप्रूवल  की आवश्यकता होती है लेकिन जनरल ग्रुप पर स्विच करने के लिए कोई डाक्यूमेंटेशन की आवश्यकता नहीं होती है।

 

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भारत अनेक धर्मो वाला देश है| हाँ यहाँ यदि कोई अपना धर्म बदलने की इच्छा रखता है तो स्वेच्छा से किसी दूसरे  धर्म को स्वीकार कर सकता है  लेकिन जाती बदलना संभव नहीं । एससी/एसटी या ओबीसी के लिए रिजर्वेशन का लाभ अपर कास्ट में जन्म लेने वाला व्यक्ति नहीं प्राप्त सकता। सही ! कोई बर्थ से ही कास्ट प्राप्त करता है  कई सिचुएशन होते है जिनके कारण यदि कोई त्रुटि है  तो आप इसे ठीक करवा सकते हैं कुछ ऐसी ही जानकारी एससी से जनरल में कास्ट चेंजिंग के बारे में बताती है|

कास्ट चेंजिंग

भारत मे कास्ट सिस्टम अभी भी स्वतन्त्र नहीं है और यह किसी व्यक्ति का अपना निर्णय नहीं होता है। इसे रेयर   सिचुएशन में बदला जा सकता है|  यदि आपके माता-पिता अलग-अलग जातियों (Castes) के हैं  तो आपके पास उनकी एक कास्ट का विकल्प है। कास्ट चेंजिंग को कानूनी रूप से तभी प्राप्त किया जा सकता है जब किसी को एडाप्ट किया गया हो। और अगर एक बच्चा (जिसका इनर कास्ट मैरिज में जन्म हुआ है) जब 21 वर्ष की आयु प्राप्त करता है तो रेयर सिचुएशन में पिता या माता मे से किसी एक जाति को  चुन सकता है।

 जहाँ तक विवाह के मामले होते है  सिड्यूल कास्ट  (एससी) से अदर बैकवर्ड क्लाससेज  (ओबीसी) या रिलीजन में चेंजिंग संभव नहीं है  जैसा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्देश (Instructions) है।

महिला कास्ट  आमतौर पर अपने फेमिली  की जाति से पहचानी जाती है। पहले शादी एक ही जाति में होती थी। फिर भी आजकल ऐसी शादी कस्बों में बहुत साधारण बात है। ऐसे मामलों में  दुल्हन दूल्हे की कास्ट को इनर कास्ट मैरिज के द्वारा अपनाती है लेकिन यह उसकी स्व- इच्छा है दुल्हन दूल्हे की जाति को भी स्वीकार करने से इनकार कर सकती है। जस्ट अपोजीट  पुरुष (male) की कास्ट जन्म से परिभाषित (Defined)  होती है। इसलिए पुरुष अपने कास्ट नहीं बदल सकते।

जाती प्रमाण पत्र जानकारी

सिड्यूल कास्ट की लिस्ट 

सिड्यूल कास्ट और सिड्यूल ट्राइब भारत में आफिसियल तौर पर लोगों के वर्ग होते हैं। भारत के पार्लियामेंट में कंडीशंस को मान्यता दी गई है और समूहों को एक श्रेणी (category)  में पहचाना जाता है। सिड्यूल कास्ट और सिड्यूल ट्राइब भारत की जनसंख्या का लगभग 16.6 प्रतिशत है (2011 की जनगणना के अनुसार) और क्रमशः 8.6 प्रतिशत हैं। 1950 की संविधान (सिड्यूल कास्ट) आदेश में मेंशन है  भारतीय संविधान की पहली अनुसूची (Schedule) में  25 राज्यों में 1,108 कास्ट्स लिस्ट  है  जबकि 1950 के संविधान (सिड्यूल ट्राइब्स ) के आर्डर  में 22 राज्यों में 744 ट्राइब्स लिस्ट् है।

इस लिंक में  आपको राज्य के अनुसार सभी सिड्यूल क्लासेज  की लिस्ट मिल जाएगी और इसे भारत सरकार के सोसल जस्टिस और अधिकारिता मंत्री (Minister of Empowerment) द्वारा अपडेट किया जाता है।

भारत में जनरल कास्ट्स

फॉरवर्ड कास्ट् (जनरल कास्ट्स  फ्री रेंज के रूप में जाने जाते है ) भारत में सामाजिक वर्गों को सूचित करने के लिए एक थिंकिंग है कि एकोनामी और सोसल फ्रंट पर एवरेज अन्य भारतीयों से आगे हैं। इसके अतिरिक्त जनरल कास्ट्स की आबादी लगभग 18.8 प्रतिशत है  कास्ट्स की संख्या क्षेत्र में भिन्न है। जनरल कास्ट्स को उनकी सामाजिक शैक्षिक आर्थिक स्थिति की केयर न करते हुए  शैक्षिक संस्थानों और केंद्र सरकार की नौकरियों दी जा रही है  अनरिजर्व सीटों के लिए कंपटीशन करने की अनुमति है। जनरल कास्ट्स का एक बड़ा हिस्सा गरीबी रेखा से नीचे रहता है और इस समुदाय के 30 प्रतिशत से अधिक सदस्य इलिटरेट हैं।

वह स्थान जहाँ जाति मायने रखती है  हालांकि  दस्तावेज़ है। एससी फॉर्म क्लास होने के लिए प्रूफ के रूप में विभिन्न अधिकारियों से सर्टिफिकेट की आवश्यकता होती है जैसा कि यह कुछ सरकारी प्राफ़िट को दिखाता है। लेकिन जनरल क्लास  के लिए प्रमाण आवश्यक नहीं है। यदि आपको SC से जनरल सिचुएशन में जाना है तो आपको अपने डाक्यूमेंट्स में जनरल क्लास का उल्लेख करना होगा। जब यह आपके लिए सुविधाजनक है  तो अपना सरनेम बदलकर कुछ नार्मल रखें।

जस्ट अपोजीट यह है की  कास्ट्स को जनरल से SC में चेंज करने के लिए बड़ी संख्या में डाक्यूमेंट्स और अप्रूवल  की आवश्यकता होती है लेकिन जनरल ग्रुप पर स्विच करने के लिए कोई डाक्यूमेंटेशन की आवश्यकता नहीं होती है।

 

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