जीएसटी लॉगिन: भारत सरकार के जीएसटी पोर्टल में लॉगिन कैसे करें?

530

साल 2000 में तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने पूरे देश में एक राष्ट्रव्यापी टैक्स प्रणाली को लागू करने का निर्णय लिया, जोकि 14 साल बाद 8 सितंबर, 2016 को जीएसटी विधेयक पारित किया गया था। साल 2016 के बाद से इस विधेयक पर काफी ज्यादा फोकस किया गया और फिर साल 1 जुलाई, 2017 को पूरे देश में लागू किया गया।

जीएसटी लॉगिन पोर्टल पर एक बार पंजीकृत करके आसानी से इससे जुड़ी तमाम गतिविधियों को संचालित किया जा सकता है। बता दें कि इस पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण से लेकर रिफंड के लिए सब कुछ आसानी से किया जा सकता है।  इतना ही नहीं, रिटर्न स्टेटमेंट की फाइलिंग भी इस पोर्टल का उपयोग करके की जा सकती है, जिससे लोगों को आसानी हो गई है। यह प्रक्रिया ऑफलाइन की तुलना में कहीं ज्यादा है। जीएसटी लॉगिन के आप यहां https://services.gst.gov.in/services/login क्लिक कर सकते हैं।

  • जीएसटी के लाभ
  • जीएसटी का इतिहास
  • जीएसटी पोर्टल लॉगिन रजिस्ट्रेशन
  • जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक दस्तावेज़
  • जीएसटी किसे रजिस्टर करवाना चाहिए?
  • जीएसटी पोर्टल की लॉगिन प्रक्रिया
  • जीएसटी पोर्टल पर उपलब्ध सेवाएं

जीएसटी के लाभ

    • एकाधिक टैक्स का उन्मूलन
    • टैक्स के कैस्केडिंग प्रभाव को कम करना
    • इनपुट टैक्स क्रेडिट का प्रवाह
    • टैक्स चोरी के स्तर को कम करना
    • टैक्स में होने वाले भ्रष्टाचार को कम किया
    • राज्य की सीमाओं का विघटन
    • व्यावसायिक उपक्रमों के लिए खेल का स्तर
    • भारी राज्यों की खपत को बढ़ावा
    • प्रौद्योगिकी संचालित परिवर्तन
    • पारदर्शी और कुशल प्रणाली

GST पंजीकरण करें।

जीएसटी का इतिहास

जीएसटी या गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स एक अप्रत्यक्ष टैक्स के रूप में कार्य करता है, जोकि पूरे देश के लिए प्रासंगिक है। जीएसटी के लागू होने के बाद अन्य सभी टैक्स और मानदंडों में बदलाव आया है, जो पहले से ही भारत में लागू थे। बता दें कि इस अधिनियम 29 मार्च, 2017 को संसद के माध्यम से बल मिला, जिसके बाद 1 जुलाई, 2017 से लागू किया गया।

बताते चलें कि यह टैक्स किसी भी भारतीय को दिए गए सामान या सेवाओं पर काम करता है, जैसा कि नाम से पता चलता है। इसके अलावा अन्य टैक्स, जो पहले से केंद्र और राज्य सरकार द्वारा लगाया जाता था, उन सभी को जीएसटी जे तहत लाया गया। बता दें कि केंद्र या राज्य सरकार द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स का जिक्र नीचे किया गया है, जोकि अब जीएसटी जे अंतर्गत ही आता है-

  • सेवा टैक्स
  • केंद्रीय उत्पाद शुल्क कानून
  • वैट
  • प्रवेश टैक्स

जीएसटी लागू करने का मुख्य उद्देश्य पूरे राष्ट्र को एक टैक्स कानून के तहत लाने के साथ ही अलग-अलग राज्य के टैक्स से मुक्त कर राज्य की अर्थव्यवस्थाओं को एकजुट करना था। इस कदम को एक रूप में भी रेखांकित किया गया है, जो हमारी अर्थव्यवस्था के विकास को बढ़ाने में मदद करेगा।

बताते चलें कि जीएसटी लॉगिन पोर्टल नई जीएसटी व्यवस्था के तहत आने वाले विभिन्न कार्यों को एक्सेस करने का तरीका है, जिससे जीएसटी से जुड़ी तमाम दुविधाएं आसानी से दूर हो सकती है। वकील सर्च, आपको इस लेख में जीएसटी लॉगिन पोर्टल पर रजिस्टर और लॉग इन करने से जुड़ी तमाम जानकारी दे रहा है, जिसकी मदद से आपको किसी भी तरह की कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

जीएसटी पोर्टल लॉगिन रजिस्ट्रेशन

  • भारत सरकार द्वारा जीएसटी लॉगिन पोर्टल जारी किया गया है, जिस पर रजिस्ट्रेशन कर आप कई तरह की सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं, लेकिन इससे पहले ये जाने कि आपको उस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए करना क्या है?
  • जीएसटी के आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं, जिसके बारे में ऊपर बताया गया है।
  • नए यूजर्स लॉगिन टैब पर जाएं।
  • जीएसटीआईएन विवरण प्रस्तुत करें।
  • अपनी इच्छानुसार पासवर्ड सेट करें, जिसे आप याद रख सकें।
  • उपरोक्त प्रक्रिया से गुज़रने के बाद आपसे कुछ दस्तावेज़ मांगा जाएगा, जिसे अपलोड करें।
  • दस्तावेज़ अपलोड करने के बाद आपका रजिस्ट्रेशन हो जाएगा।

जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक दस्तावेज़

भारत सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश के तहत जीएसटी रजिस्ट्रेशन के दौरान निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है- 

  • पैन कार्ड
  • आधार कार्ड
  • व्यवसाय पंजीकरण प्रमाण पत्र
  • निगमन प्रमाण पत्र
  • निदेशकों का पता प्रमाण
  • बैंक खाता विवरण
  • डिजिटल हस्ताक्षर
  • फिर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
  • जीएसटी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के बाद आपको तत्काल निम्नलिखित चीज़ें या सेवाएं प्राप्त होंगी- 
  • फॉर्म भरने के बाद, आपके साथ एक ARN नंबर सांझा किया जाएगा।
  • इस नंबर का उपयोग जीएसटी पोर्टल में लॉगिन करके पंजीकरण को ट्रैक करने के लिए किया जा सकता है।
  • आवेदक को केवल आवेदन की स्थिति देखने की अनुमति होती है।
  • आवेदन स्वीकार होने के बाद GSTIN नामक एक 15 अंकों का कोड सांझा किया जाएगा, जिसका उपयोग भविष्य में लॉगिन के लिए किया जा सकता है।
  • लॉगिन के लिए पासवर्ड आवेदन के पंजीकृत ईमेल आईडी पर भेजा जाएगा।
  • आवेदक अपनी इच्छानुसार आईडी या पासवर्ड बदल सकता है।

जीएसटी किसे रजिस्टर करवाना चाहिए?

जीएसटी को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल होते हैं, जिसमें से पहला सवाल यही होता है कि क्या उन्हें जीएसटी पंजीकृत करवाना चाहिए या नहीं? तो चलिए जानते हैं कि किन लोगों को जीएसटी रजिस्टर करवाना चाहिए, जिनकी जानकारी निम्नलिखित है-

  • एक्साइज, वैट या सर्विस टैक्स देने वाले व्यक्ति।
  • 40 लाख साल से ज्यादा का टर्न ओवर वाले व्यवसाय।
  • टैक्स भरने वाले व्यक्ति।
  • एजेंट और वितरक।
  • निर्धारित टैक्स के अंतर्गत आने वाले व्यक्ति।
  • ई-कॉमर्स एग्रीगेटर।

जीएसटी पोर्टल की लॉगिन प्रक्रिया

जीएसटी पोर्टल की लॉगिन प्रक्रिया काफी आसान है, जिसकी जानकारी आपको नीच चरण दर चरण दी गई है- 

  1. जीएसटी वेबसाइट पर जाएं
  2. लॉगिन पेज पर जाएं
  3. यूजर नेम और पासवर्ड डालें
  4. ध्यान से कैप्चा कोड डालें और फिर लॉगिन पर क्लिक करें।
  5. जीएसटी क्रेडिट की जानकारी के लिए डैशबोर्ड पर क्लिक करें।
  6. पंजीकरण, रिटर्न, भुगतान और अन्य जानकारी के लिए सर्विस टैब पर क्लिक करें।
  7. प्रेस रिलीज, संशोधन और सूचनाओं के लिए नॉटिफिकेशन टैब पर क्लिक करें।
  8. केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी जीएसटी अधिनियम के बारे में जानने के लिए एक्ट एंड रुल्स टैब पर क्लिक करें।
  9. जीएसटी से संबंधित जानकारी को ऑफलाइन करने के लिए डाउनलोड पर क्लिक करें।
  10. शिकायत करने या ट्रैक करने के लिए Grievance टैब पर क्लिक करें।

जीएसटी पोर्टल की लॉगिन प्रक्रिया

जीएसटी की वेबसाइट पर जाएं

2. लॉगइन पेज पर जाएं

3. उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड दर्ज करें

4. कैप्चा कोड को ध्यान से टाइप करें और लॉगिन दबाएं

5. इसके बाद, आप अपने GST क्रेडिट सारांश की मेजबानी करने वाले डैशबोर्ड पर जाएंगे

6. सर्विसेज टैब पर क्लिक करने पर, आप पंजीकरण, लेजर, रिटर्न, भुगतान और अन्य उपयोगकर्ता सेवाओं से संबंधित कार्यक्षमता देख सकते हैं।

7.अगला टैब क्लिक करने पर – अधिसूचना और परिपत्र मेनू आपको अधिसूचनाएँ, परिपत्र, संशोधन और प्रेस रिलीज़ देखने की अनुमति देता है।

8. अधिनियम और नियम मेनू संदर्भ उद्देश्यों के लिए केंद्रीय और आपके संबंधित राज्य से संबंधित जीएसटी अधिनियम और नियमों का उपयोग करने के लिए लिंक प्रदान करता है।

9. डाउनलोड मेनू आपको जीएसटी ऑफ़लाइन उपयोगिताओं को डाउनलोड करने की अनुमति देता है।

10. अंत में, शिकायत लिंक, आपको प्रासंगिक शिकायतों को ऑनलाइन जमा करने की अनुमति देता है और उनकी स्थिति को भी ट्रैक करता है

  1. जीएसटी पोर्टल पर उपलब्ध सेवाएं

भारत सरकार के जीएसटी पोर्टल पर निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनका आप आसानी से लाभ उठा सकते हैं- 

  • जीएसटी के लिए पंजीकरण
  • जीएसटी प्रैक्टिशनर योजना के लिए आवेदन
  • मुद्रा योजना के लिए विकल्प।
  • स्टॉक इंटिमेशन
  • रिटर्न दाखिल करना
  • जीएसटी का भुगतान
  • एक्सपोर्ट रिफंड के लिए फाइलिंग
  • रिफंड का दावा
  • अंडरटेकिंग का पत्र प्राप्त करना
  • परिवर्तन या बदलाव फॉर्म भरना
  • ई-बहीखाता
  • क्षेत्र में बदलाव करना
  • ट्रैकिंग की सुविधा।
  • आईटीसी फॉर्म दाखिल करना
  • जीएसटी प्रैक्टिशनर योजना से जुड़ना या छूटना

जीएसटी पोर्टल एजेंसी और ग्राहकों के बीच की खाई को पाटने में मदद करता है, जिसके ज़रिए लोग कुशलता से एक्सेस कर सकते हैं। बता दें कि करदाताओं और भारत सरकार के बीच गुड्स एंड सर्विस टैक्स नेटवर्क सहभागिता की अनुमति देता है, जोकि इस पोर्टल की मदद से ही संभल है, इसीलिए इसे जीएसटी की रीढ़ भी कहा जाता है।

[ajax_load_more post_type="post" repeater="default" posts_per_page="1" post__not_in="19464 button_label="Next Post"]
SHARE

FAQs