कमर्शियल प्रॉपर्टी को रेंट पर देने के फायदे

Last Updated at: August 06, 2020
253
कमर्शियल प्रॉपर्टी को रेंट पर देने के फायदे

क्या आप रोज रोज के किरायेदार बदलने से परेशान हैं ? क्या आप सोच रहे हैं की आपको ज्यादा किराया कैसे मिलेगा? तो चलिए इस सन्दर्भ में आज हम आपको बताते हैं कि कमर्शियल स्पेस के क्या फायदे हैं

1. ज्यादा समय तक किरायेदार का रहना

अगर आपका किरायेदार एक बिज़नेसमैन है और उसने उस स्थान पर अपना बिज़नेस किया है तो संभवत वह आपकी दुकान या कमर्शियल स्पेस ज्यादा वक़्त तक लेगा।  आप एग्रीमेंट करवा के निश्चिंत बैठ सकते हैं।   आजकल हम देख सकते हैं किराये पर घर लेने वाले जल्दी घर खली कर देते हैं। कभी उनका ट्रांसफर हो जाता है, कभी उन्हें क्वार्टर मिल जाता है, कुछ वक़्त बाद उन्हें बड़े घर के जरुरत पड़ती है। पर अगर आप अपने स्पेस को कमर्शियल रूप में दे रहे हैं तब आप को स्थिरता मिलेगी। 

2. कम रेस्पॉन्सिबिलिटीज़       

हम देख सकते हैं कि रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज के केस में जो भी घर के मेंटेनेंस में खर्च होता है, वो माकन मालिक देता है, मगर यहाँ पर जो भी आपका दुकान किराये पर लेगा वो अपने हिसाब से उसे ठीक करेगा कितनी बार ऑफिसेस कमर्शियल स्पेस को कलर करवा देती है और उसकी मरम्मत भी। 

अपना प्रॉपर्टी रजिस्टर करें

3. पेमेंट टाइम से

अगर आपने अपना कमर्शियल स्पेस किसी कंपनी या बैंक को दिया है, तो सभावत आपको किराया एकदम समय से मिल जायेगा। यहाँ पर पेमेंट डिफ़ॉल्ट का कोई प्रश्न नहीं है एक कंपनी , क्योंकि उनके ब्रांड से जुड़ी गुडविल और उनके ऑपरेटिंग बेस में स्थिरता प्रूव करती है कि महीनों या किराये के वर्षों के लिए एडवांस का पेमेंट  करने के लिए सहमत होने की संभावना होती है | जिससे आपके लिए फिक्स्ड एमाउंट डिपॉजिट करने के लिए बातचीत करना आसान हो जाता है। इसके अलावा, आपके कॉर्पोरेट टिनेंट द्वारा एक्स्ट्रा इन्वेस्ट के कारण  वे जल्द ही कभी भी स्थान नहीं छोड़ना चाहेंगे।

4. कमर्शियल प्रॉपर्टी से ज्यादा रेंट

आपको यह जानकर ख़ुशी होगी कि कमर्शियल प्रॉपर्टीज के ज्यादा रेंट है। मनोज कुमार कि दम दम, कोलकाता में एक दुकान और एक घर रेंट पे है।  उनको 20 लाख के कीमत वाली घर का रेंट मासिक 9000 मिलता है, जबकि 18 लाख के दुकान कि मासिक रेंट 14000 है।  इससे आप यह अंदाजा लगा सकते हैं कि कमर्शियल प्रॉपर्टीज में इन्वेस्टमेंट पे रिटर्न ज्यादा है। 

5. ग्रेडिंग, रिटर्न और रिस्क 

कभी एक घर-संपत्ति के बारे में सुना है कि उनकी गुणवत्ता के आधार पर ए, बी या सी ग्रेड दिया गया है ? ‘ डोन्ट वरी ‘ रेजीडेंट के लिए ऐसी कोई अरेंजमेंट मौजूद नहीं है। इसके विपरीत  अधिकांश कामर्सिएल प्रॉपर्टीज को तीन क्लास  में डिवाइड किया गया है। क्लास ए बेहतरीन सुविधाओं और एस्थेटिक के साथ नए कामर्सिएल बिल्डिंग  को शामिल करता है। इसके अलावा, क्लास बी में एवरेज आफिस स्पेस शामिल हैं जो पुराने हो सकते हैं लेकिन एबप एवरेज फेयर प्राप्त करते हैं। क्लास सी श्रेणी की बिल्डिंगस  कम से कम डिजाइरेबल हैं और कम गुणवत्ता, सस्ते स्थान प्रदान करती हैं। हाल के दिनों में, ग्रेड ए में कामर्सिएल असेट्स ने 9 -11 प्रतिशत की रिटर्न रेट की आफर की है। जबकि ग्रेड बी की असेट्स में ऑल्मोस्ट  7-9 प्रतिशत की रिटर्न हुई। यह क्लासिफिकेशन  बेहतर किराए और अधिक मूल्य के लिए एक किरायेदार की नजर में इंक्रीमेंट देता है। 

 

0

कमर्शियल प्रॉपर्टी को रेंट पर देने के फायदे

253

क्या आप रोज रोज के किरायेदार बदलने से परेशान हैं ? क्या आप सोच रहे हैं की आपको ज्यादा किराया कैसे मिलेगा? तो चलिए इस सन्दर्भ में आज हम आपको बताते हैं कि कमर्शियल स्पेस के क्या फायदे हैं

1. ज्यादा समय तक किरायेदार का रहना

अगर आपका किरायेदार एक बिज़नेसमैन है और उसने उस स्थान पर अपना बिज़नेस किया है तो संभवत वह आपकी दुकान या कमर्शियल स्पेस ज्यादा वक़्त तक लेगा।  आप एग्रीमेंट करवा के निश्चिंत बैठ सकते हैं।   आजकल हम देख सकते हैं किराये पर घर लेने वाले जल्दी घर खली कर देते हैं। कभी उनका ट्रांसफर हो जाता है, कभी उन्हें क्वार्टर मिल जाता है, कुछ वक़्त बाद उन्हें बड़े घर के जरुरत पड़ती है। पर अगर आप अपने स्पेस को कमर्शियल रूप में दे रहे हैं तब आप को स्थिरता मिलेगी। 

2. कम रेस्पॉन्सिबिलिटीज़       

हम देख सकते हैं कि रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज के केस में जो भी घर के मेंटेनेंस में खर्च होता है, वो माकन मालिक देता है, मगर यहाँ पर जो भी आपका दुकान किराये पर लेगा वो अपने हिसाब से उसे ठीक करेगा कितनी बार ऑफिसेस कमर्शियल स्पेस को कलर करवा देती है और उसकी मरम्मत भी। 

अपना प्रॉपर्टी रजिस्टर करें

3. पेमेंट टाइम से

अगर आपने अपना कमर्शियल स्पेस किसी कंपनी या बैंक को दिया है, तो सभावत आपको किराया एकदम समय से मिल जायेगा। यहाँ पर पेमेंट डिफ़ॉल्ट का कोई प्रश्न नहीं है एक कंपनी , क्योंकि उनके ब्रांड से जुड़ी गुडविल और उनके ऑपरेटिंग बेस में स्थिरता प्रूव करती है कि महीनों या किराये के वर्षों के लिए एडवांस का पेमेंट  करने के लिए सहमत होने की संभावना होती है | जिससे आपके लिए फिक्स्ड एमाउंट डिपॉजिट करने के लिए बातचीत करना आसान हो जाता है। इसके अलावा, आपके कॉर्पोरेट टिनेंट द्वारा एक्स्ट्रा इन्वेस्ट के कारण  वे जल्द ही कभी भी स्थान नहीं छोड़ना चाहेंगे।

4. कमर्शियल प्रॉपर्टी से ज्यादा रेंट

आपको यह जानकर ख़ुशी होगी कि कमर्शियल प्रॉपर्टीज के ज्यादा रेंट है। मनोज कुमार कि दम दम, कोलकाता में एक दुकान और एक घर रेंट पे है।  उनको 20 लाख के कीमत वाली घर का रेंट मासिक 9000 मिलता है, जबकि 18 लाख के दुकान कि मासिक रेंट 14000 है।  इससे आप यह अंदाजा लगा सकते हैं कि कमर्शियल प्रॉपर्टीज में इन्वेस्टमेंट पे रिटर्न ज्यादा है। 

5. ग्रेडिंग, रिटर्न और रिस्क 

कभी एक घर-संपत्ति के बारे में सुना है कि उनकी गुणवत्ता के आधार पर ए, बी या सी ग्रेड दिया गया है ? ‘ डोन्ट वरी ‘ रेजीडेंट के लिए ऐसी कोई अरेंजमेंट मौजूद नहीं है। इसके विपरीत  अधिकांश कामर्सिएल प्रॉपर्टीज को तीन क्लास  में डिवाइड किया गया है। क्लास ए बेहतरीन सुविधाओं और एस्थेटिक के साथ नए कामर्सिएल बिल्डिंग  को शामिल करता है। इसके अलावा, क्लास बी में एवरेज आफिस स्पेस शामिल हैं जो पुराने हो सकते हैं लेकिन एबप एवरेज फेयर प्राप्त करते हैं। क्लास सी श्रेणी की बिल्डिंगस  कम से कम डिजाइरेबल हैं और कम गुणवत्ता, सस्ते स्थान प्रदान करती हैं। हाल के दिनों में, ग्रेड ए में कामर्सिएल असेट्स ने 9 -11 प्रतिशत की रिटर्न रेट की आफर की है। जबकि ग्रेड बी की असेट्स में ऑल्मोस्ट  7-9 प्रतिशत की रिटर्न हुई। यह क्लासिफिकेशन  बेहतर किराए और अधिक मूल्य के लिए एक किरायेदार की नजर में इंक्रीमेंट देता है। 

 

0

No Record Found
शेयर करें